गौतमबुद्धनगर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार की पीएम यशस्वी टॉप क्लास एजूकेशन इन कॉलेज स्कॉलरशिप योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पात्र छात्र 31 अगस्त 2026 तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी लवेश कुमार सिसोदिया ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लिए योजना के तहत सीटों (स्लॉट) का आवंटन किया है। इन्हीं आवंटित सीटों के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा में सहायता मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन और सत्यापन की समय-सीमा तय कर दी गई है। नए और नवीनीकरण (रिन्यूअल) दोनों श्रेणी के छात्र 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद शिक्षण संस्थान 15 सितंबर 2026 तक आवेदन पत्रों का सत्यापन करेंगे, जबकि मंत्रालय स्तर पर अंतिम सत्यापन 30 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि तकनीकी समस्या या दस्तावेजों की कमी के कारण छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने गौतमबुद्धनगर के सभी कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे आवंटित सीटों के अनुरूप पात्र छात्रों के आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। साथ ही आवेदन पत्रों का सत्यापन भी समय पर पूरा करें, ताकि योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ बिना देरी के मिल सके।
उन्होंने बताया कि पीएम यशस्वी टॉप क्लास एजूकेशन कॉलेज स्कॉलरशिप योजना का उद्देश्य ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी वर्ग के मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके जरिए सरकार उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
जिला प्रशासन ने पात्र विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों से 31 अगस्त 2026 से पहले आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा सकें।

