Wednesday, July 22, 2026
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तेलंगाना में इंदिरम्मा इंदलु योजना लॉन्च, 5 लाख रुपए सब्सिडी के साथ मिलेगा घर

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हैदराबाद, 20 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने सोमवार को इंदिरम्मा इंदलु योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र में गरीबों के लिए मकान बनाए जाएंगे।

आउटर रिंग रोड के दायरे में कम आय वर्ग के लोगों के लिए आवासीय टावर बनाए जाएंगे।

राज्य सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मंत्रियों पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, डी. श्रीधर बाबू और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने योजना की शुरुआत की।

मंत्रियों ने योजना की जानकारी देने वाली पुस्तिका जारी की। इसमें योजना की प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन करने के तरीके की जानकारी दी गई है।

तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड सरकारी जमीनों पर कमजोर वर्ग के बेघर गरीब लोगों के लिए आवासीय टावर बनाएगा। योजना के पहले चरण में कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र की 26 विधानसभा सीटों में से प्रत्येक में 500 मकान बनाए जाएंगे।

पायलट चरण में कुल 7,680 फ्लैट बनाए जाएंगे। बाद में इसे बढ़ाकर एक लाख मकानों की बड़ी योजना के रूप में लागू किया जाएगा।

सरकार प्रत्येक आवास इकाई के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी और 5 लाख रुपए की सब्सिडी देगी। हाउसिंग बोर्ड ने लाभार्थी का योगदान 6 लाख रुपए तय किया है।

इसके अलावा एलआईजी फ्लैट के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपए और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट 10 हजार रुपए तय किया गया है। यदि किसी आवेदक को मकान आवंटित नहीं होता है तो हाउसिंग बोर्ड उसकी ईएमडी राशि वापस कर देगा।

हैदराबाद में पिछले 10 वर्षों से रहने वाले और जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपए तक है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन 21 जुलाई से 10 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे।

हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय टावर बनाने के लिए शुरुआती तौर पर 17 स्थानों की पहचान की है। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया 400 वर्ग फीट और निर्मित क्षेत्रफल 528 वर्ग फीट होगा।

परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि उन इलाकों में भी मकान बनाए जाएंगे, जहां जमीन की कीमत 2 से 3 लाख रुपए प्रति वर्ग गज तक है। उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य तेलंगाना को झुग्गी-मुक्त राज्य बनाना है।

उन्होंने कहा, “पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी शहर के कई हिस्सों में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती आवास देने के लिए एलआईजी हाउसिंग टावर बनाए गए थे। उसी भावना के साथ अब कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र में इंदिरम्मा हाउसिंग परियोजना शुरू की जा रही है।”

मंत्री ने बताया कि तेलंगाना राइजिंग-2047 विजन के तहत सरकार ने 2034 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि हैदराबाद कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी विजन का केंद्र है। सरकार का उद्देश्य केवल हैदराबाद को वैश्विक शहर बनाना नहीं है, बल्कि शहर में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों तक विकास का लाभ पहुंचाना भी है।

उन्होंने कहा कि कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र में शुरू किए जा रहे ये एलआईजी हाउसिंग टावर इसी सोच को दर्शाते हैं और हैदराबाद के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

मंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह परियोजना देश में शहरी आवास क्षेत्र के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी और इसी तरह की योजनाओं के लिए मॉडल बनेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में आवास निर्माण के लिए जमीन की समस्या ज्यादा होती है। इस चुनौती को दूर करने और गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों को घर देने के लिए सरकार करोड़ों की जमीन पर एलआईजी हाउसिंग टावर बनाएगी।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि लाभार्थियों के चयन और मकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी, ताकि केवल पात्र परिवारों को ही इंदिरम्मा मकान मिल सकें।

निर्धारित नियमों के अनुसार, कुल मकानों में से 10 प्रतिशत मकान पात्र आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों को आवंटित किए जाएंगे।