फतेहगढ़ साहिब, 21 जुलाई (आईएएनएस)। हरियाणा पुलिस ने दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर कंक्रीट के बैरिकेड्स लगा दिए हैं। किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली में ‘महापंचायत’ आयोजित करने का ऐलान किया है। इसके मद्देनजर पंजाब से बड़ी संख्या में किसानों के दिल्ली रवाना होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और शंभू सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है।
इस बीच, फतेहगढ़ साहिब में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को देश की राजधानी में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान केवल चार घंटे के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें शंभू बॉर्डर पर रोका जा रहा है।
पंधेर ने कहा, “हम देश के 140 करोड़ लोगों के सामने यह सवाल रखना चाहते हैं कि क्या पंजाब इस देश का हिस्सा नहीं है? हमें भी अपनी राजधानी में जाकर चार घंटे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार होना चाहिए। पहले कहा जाता था कि किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आते हैं और लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इस बार हमने बसों से जाने का फैसला किया है और केवल चार घंटे का कार्यक्रम रखा है। इसके बावजूद हमें रोका जा रहा है।”
उन्होंने दावा किया कि किसान बसों का खर्च स्वयं उठा रहे हैं और प्रत्येक बस पर करीब 50 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें सीमा पर रोक दिया गया है। पंधेर ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार की मंशा किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह रवैया लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।
किसान नेता ने कहा कि किसान किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहते। उन्होंने कहा, “हमने स्पष्ट कर दिया है कि जहां भी सरकार हमें रोकेगी, वहां हमारी ओर से कोई टकराव नहीं होगा। यह ‘देश बचाओ मोर्चा’ का कार्यक्रम है और हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।”
पंधेर ने केंद्र सरकार से किसानों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की।

