Monday, August 24, 2026
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रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में नौ दिवसीय राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा का शुभारंभ, 10 राज्यों के 50 विद्यार्थी हुए शामिल

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भोपाल : 13 जुलाई/ रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) में सोमवार को नौ दिवसीय ‘राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा’ का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), भारत सरकार, विश्व रंग फाउंडेशन, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय तथा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सतत शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अध्ययन यात्रा 13 से 21 जुलाई 2026 तक चलेगी।

इस अध्ययन यात्रा में असम, मणिपुर, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, ओडिशा और तमिलनाडु सहित दस हिंदीतरभाषी राज्यों के 50 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य संयोजन विश्व रंग फाउंडेशन एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है।

हिंदी भाषा और संस्कृति से जुड़ने का अवसर

उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि केंद्रीय हिंदी निदेशालय की सहायक निदेशक सुश्री तमन्ना रानी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रत्येक वर्ष हिंदीतरभाषी क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन यात्राएं आयोजित की जाती हैं। इन यात्राओं के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदीभाषी क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों, संस्थानों और स्वैच्छिक संगठनों से जोड़कर हिंदी भाषा, साहित्य, उच्चारण और भारतीय संस्कृति का व्यावहारिक अनुभव कराया जाता है।

विश्व रंग ने 70 से अधिक देशों में पहुंचाई हिंदी

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि विश्वविद्यालय ने विश्व रंग के माध्यम से 70 से अधिक देशों में हिंदी और भारतीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण कार्य किया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न उत्कृष्ट केंद्र भारतीय कला, साहित्य, संस्कृति, हिंदी और स्थानीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट ने कहा कि आज हिंदी वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रही है। उन्होंने बताया कि विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव तथा विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड ने दुनिया भर में लाखों लोगों को हिंदी से जोड़ने का कार्य किया है। साथ ही हिंदी अनुवाद और अन्य क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।

हिंदी भारतीयों को जोड़ने वाली संपर्क भाषा

टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने कहा कि हिंदी भारत की संपर्क भाषा है, जो देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य करती है। हिंदी के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी करेंगे भ्रमण

विश्व रंग फाउंडेशन के सचिव एवं अध्ययन यात्रा के समन्वयक संजय सिंह राठौर ने बताया कि नौ दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रदेश के साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, प्राध्यापकों और स्थानीय विद्यार्थियों से संवाद का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व के विभिन्न स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

विश्व रंग फाउंडेशन के सीईओ विकास अवस्थी ने कहा कि यह अध्ययन यात्रा हिंदीतरभाषी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। रचनात्मक गतिविधियों और संवाद के माध्यम से उन्हें हिंदी भाषा और साहित्य के विविध आयामों को निकट से जानने का अवसर मिलेगा।

हिंदी ओलंपियाड-2026 के पोस्टर का हुआ लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान मानविकी एवं उदार कला संकाय की डीन डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। हिंदी केंद्र की संयोजक डॉ. गायत्री राजपूत तथा प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र के संयोजक डॉ. अरुण पाण्डेय ने आईसेक्ट लर्न के हिंदी पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। वहीं दिनेश लोहनी ने विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2026 के पोस्टर का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और मां शारदा के पूजन से हुई। इसके बाद विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। समारोह में डॉ. सावित्री सिंह परिहार, डॉ. संजय दुबे, डॉ. वरुण चौबे, विक्रांत भट्ट, चैतन्य भट्ट सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।