भुवनेश्वर, 22 जुलाई (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक की ओर से पेपर लीक मामले पर दिए गए बयान पर ओडिशा के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग की प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका कहना है कि नवीन पटनायक को पेपर लीक पर नैतिकता का उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए मुकेश महालिंग ने कहा, “इस बारे में सवाल करने के लिए नवीन पटनायक के पास नीति और नैतिकता कहां है? दुर्भाग्यपूर्ण है कि वरिष्ठ नेता होने के बावजूद इस तरह से वे बयान देते हैं। जब हम विपक्ष में थे तब कई मामलों को विधानसभा में उठाया जाता था और नवीन पटनायक कुछ नहीं बोलते थे। ओडिशा के लिए वे कुछ नहीं बोलते थे। जब सरकार बदली तो वे विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर हैं। ऐसे में वे न तो बजट सेशन में हिस्सा लेते हैं, न विधानसभा में रेगुलर आते हैं, और न तो किसी भी मुद्दे पर कुछ बोलते हैं।”
मुकेश महालिंग ने आगे कहा कि अब दिख रहा है कि नवीन पटनायक इस मुद्दे पर ज्यादा एक्टिव हो गए हैं। जब उनकी सरकार थी तब 2015 में पुलिस भर्ती में मामला सामने आया था। 2016, 2019, 2022 में टीईटी का पेपर लीक हुआ था, तब वे कुछ नहीं बोले थे और चुपके से मैनेज कर लिया था।”
उन्होंने कहा, “2018-19 में मैट्रिक परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। ओडिशा हाईकोर्ट के एएसओ परीक्षा में भी समस्या थी। ऐसे में अगर देखा जाए तो उनकी सरकार के दौरान जब छात्रों की ओर से प्रदर्शन किया जाता था तब भी वे चुप ही रहते थे।”
मुकेश महालिंग ने कहा कि हमारी सरकार लोगों की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संसद में पेपर लीक के विरोध में एक बिल लाया गया और पास भी किया गया। नीट पेपर लीक मामले को पीएम मोदी ने महापाप बताया है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेरा मानना है कि छात्रों को समाधानमूलक शासन चाहिए। जब नवीन पटनायक सत्ता में थे तो वे शांत रहते थे और जब विपक्ष में आए तो प्रतिवाद करने लगे हैं। उनके इस दोहरे चरित्र को छात्र कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे।

