रांची, 22 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजधानी रांची में जेपीएससी मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आयोग परिसर की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कुछ देर तक धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी रही।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू तथा भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों से आए हजारों कार्यकर्ता और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी बुधवार सुबह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए। सभा के बाद वे मार्च करते हुए जेपीएससी मुख्यालय की ओर बढ़े। आयोग कार्यालय के आसपास पहले से भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीम और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। कई स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण बल को भी अलर्ट रखा गया था।
प्रदर्शनकारियों ने जेपीएससी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। उनका कहना है कि परीक्षा परिणाम बिना कट-ऑफ अंक सार्वजनिक किए जारी किया गया, मेरिट सूची पर सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे और अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हाल में सीआईडी द्वारा जेपीएससी मुख्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी पर की गई छापेमारी तथा आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे से यह स्पष्ट हो गया है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। उन्होंने मांग की कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को तत्काल रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराई जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग भी दोहराई।
उनका कहना था कि राज्य सरकार की एजेंसियां निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएंगी। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं और अभ्यर्थियों का आयोग की कार्यप्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अभ्यर्थियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा परिणाम से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच पहले ही सीआईडी को सौंपी जा चुकी है। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। समाचार लिखे जाने तक जेपीएससी मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।

