रांची, 22 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने परीक्षा कैलेंडर-2026 में शामिल निकट भविष्य में प्रस्तावित सभी परीक्षाओं को भी फिलहाल टालने का फैसला लिया है। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है।
आयोग के परीक्षा नियंत्रक की ओर से बुधवार की शाम को जारी आदेश में कहा गया कि विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत आयोजित होने वाली संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया जाता है। साथ ही 9 जुलाई 2026 को जारी परीक्षा कैलेंडर-2026 के तहत प्रस्तावित शेष सभी परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी। आयोग ने कहा कि इससे संबंधित विस्तृत सूचना उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
बता दें कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर उठ रहे विवादों के बीच मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी मुख्यालय तथा परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) के कार्यालय सहित आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों में जेपीएससी की सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक सत्यपाल सिंह, दूसरे निदेशक रामबीर सिंह तथा कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी शामिल हैं।
इसके अलावा, आयोग की गोपनीय शाखा और कंप्यूटर प्रकोष्ठ से जुड़े तीन कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने कंप्यूटर, सीपीयू, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सर्वर डेटा, ओएमआर स्कैनिंग रिकॉर्ड, मेरिट सूची से जुड़े दस्तावेज, गोपनीय फाइलें, डायरियां और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सीआईडी डिजिटल टैंपरिंग, ओएमआर डेटा में कथित हेरफेर और डेटा ट्रांसफर के पहलुओं की जांच कर रही है। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
जांच का एक अहम बिंदु परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल का चयन भी है। टीडीपीएल को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने मई 2025 में कथित अनियमितताओं और गोपनीयता संबंधी चूक के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया था। इसके बावजूद इसी एजेंसी को 14वीं जेपीएससी परीक्षा का जिम्मा दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने बिना कट-ऑफ जारी किए परिणाम प्रकाशित करने, मेरिट सूची पर हस्ताक्षर नहीं होने, ओएमआर शीट उपलब्ध नहीं कराने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव जैसे आरोप लगाए थे। इन शिकायतों के बाद छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने आंदोलन शुरू किया, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की सीआईडी जांच के आदेश दिए।

