Thursday, July 23, 2026
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जॉर्डन के अमेरिकी एयर बेस पर हमले में भारतीय मूल की अमेरिकी सार्जेंट लापता, मौत की आशंका

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न्यूयॉर्क, 22 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के मुताबिक, भारतीय मूल की अमेरिकी सैनिक एंजेला रामप्रसाद के जॉर्डन में एक सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले में मारे जाने की आशंका है।

25 साल की आर्मी सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद के बारे में विभाग ने कहा कि माना जा रहा है कि 17 जुलाई 2026 को जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर दुश्मन के हमले के दौरान उनकी मौत हो गई। विभाग ने कहा कि इस घटना की जांच अभी जारी है।

पहले उन्हें लापता बताया गया था। बाद में उनकी आधिकारिक स्थिति बदलकर ‘ड्यूटी स्टेटस-ठिकाना अज्ञात’ कर दी गई और अब माना जा रहा है कि उनकी मौत हो चुकी है।

एंजेला भारतीय मूल के उस समुदाय से थीं, जिसके लोग गुयाना से अमेरिका जाकर बसे हैं। स्थानीय डेमोक्रेटिक पार्टी के एक नेता के मुताबिक, उनके पिता का नाम बासदेव रामप्रसाद है।

पेंटागन ने बताया कि एंजेला न्यूयॉर्क सिटी के क्वींस इलाके के ओजोन पार्क की रहने वाली थीं। इस इलाके में भारतीय मूल के गुयाना से आए लोगों की बड़ी आबादी रहती है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पेसाच ओसिना ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह ‘हर उस इंसान के लिए एक अनमोल तोहफा थीं जो उन्हें जानता था।’ उन्होंने कहा कि एंजेला दूसरों की रक्षा करना चाहती थीं और साहस और विनम्रता के साथ अपना कर्तव्य निभाना चाहती थीं।

ओसिना ने ‘एक्स’ पर लिखा कि इस दुखद घटना के बाद से वह एंजेला के पिता बासदेव रामप्रसाद, उनकी मां कैरोल एसेवेदो और पूरे परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस हमले में एंजेला और अन्य अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया जाएगा।

उन्होंने बुधवार को कहा कि इस हमले के लिए ईरान को ‘बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।’

इससे पहले उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था, “हर बार जब ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेगा, तो उसे उसकी कई गुना कीमत चुकानी पड़ेगी।”

एंजेला की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो जाती है, तो वह इस हमले में जान गंवाने वाली चौथी अमेरिकी सैनिक होंगी। यह हमला उस नए अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान हुआ, जो पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत बनी नाजुक शांति टूटने के बाद फिर से शुरू हो गया था।