Friday, July 24, 2026
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बाढ़ प्रभावित इलाकों का सीएम सरमा ने किया दौरा, राहत सामग्री की समय पर आपूर्ति का दिया भरोसा

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गुवाहाटी, 23 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को गोलाघाट जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर जरूरी जरूरत को समय पर पूरा करेगी और राहत सामग्री की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कामरबांधा स्थित भास्कर सीनियर बेसिक स्कूल और नुमालीगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया। इन शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से ठहराया गया है।

कामरबांधा राहत शिविर में 178 बाढ़ प्रभावित लोग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और दैनिक जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों की सभी आवश्यक जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने नुमालीगढ़ राहत शिविर का भी दौरा किया, जहां 182 लोग, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं, शरण लिए हुए हैं। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हालिया बाढ़ से गोलाघाट जिले में 25,791 लोग प्रभावित हुए हैं।

दौरे के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ के कारण कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है, पशुधन प्रभावित हुआ है और हजारों परिवारों का सामान्य जीवन अस्त-व्यસ્ત हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर उनसे बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने बताया है कि केंद्र सरकार जल्द ही एक अंतर-मंत्रालयी (इंटर-मिनिस्टीरियल) टीम असम भेजेगी, जो बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी और राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता का मूल्यांकन करेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है और अतिरिक्त सहायता के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।