जम्मू, 24 जुलाई (आईएएनएस)। कारगिल विजय दिवस से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने जम्मू स्थित बलिदान स्तंभ पहुंचकर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा, शहीदों के बलिदान, युवाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (एफएएनएस) हर वर्ष कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन सभी शहीदों को याद करता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हो या अन्य घटनाएं, जिन नागरिकों, पुलिसकर्मियों और सैनिकों ने देश के लिए अपनी जान गंवाई है, उनका बलिदान हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
उन्होंने बलिदान स्तंभ के निर्माण के लिए सेना, सरकार और प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्थान देशवासियों को शहीदों के त्याग और समर्पण की याद दिलाते हैं। उन्होंने अपील की कि 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोग यहां आएं और तिरंगा लेकर शहीदों को नमन करें।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान है। यह पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ता है और दुनिया को भारत की एकता और शक्ति का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” जैसे भाव देशवासियों के दिलों में हमेशा गूंजते रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय की याद नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, साहस और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शहीदों की कहानियों से प्रेरणा लें और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गांवों, खेत-खलिहानों और शहरों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि देश के लिए दिया गया कोई भी बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता।
कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने साजिश के तहत कारगिल क्षेत्र में भारत पर हमला किया था लेकिन भारतीय सेना, सरकार और देशवासियों ने मिलकर इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। तब से हर साल देश इस दिन को गर्व और सम्मान के साथ मनाता है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। विकास, शिक्षा, गरीबी, भुखमरी, छुआछूत, प्रदूषण और हिंसा जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए हर नागरिक को सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए रचनात्मक सोच जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक विरोध या नकारात्मक गतिविधियों में ऊर्जा लगाने के बजाय युवाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्यों में भाग लेना चाहिए।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के नाम को लेकर इंद्रेश कुमार ने कहा कि किसी भी संगठन या संस्था का नाम उसकी सोच और उद्देश्य को दर्शाता है। सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े आंदोलन पर भी इंद्रेश कुमार ने कहा कि युवाओं और नेताओं को यह समझना चाहिए कि देश हित सर्वोपरि है। कुछ लोग गलत प्रभावों के कारण वे ऐसे रास्तों पर चले जाते हैं, जो देश और समाज के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आज विकास, शिक्षा और प्रगति के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया के कई देशों ने भारत को सम्मान दिया है और ऐसे समय में सभी लोगों को राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना चाहिए।

