Friday, July 24, 2026
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सोनम वांगचुक के आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है कांग्रेस : राजू वाघमारे

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मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा, “सोनम वांगचुक ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह आंदोलन शुरू किया था। उनकी प्रमुख मांग थी कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए और उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक पहल की है और भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।”

आईएएनएस से बात करते हुए वाघमारे ने कहा, “सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि पेपर लीक जैसे मामलों के दोषियों को फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से जल्द सजा दिलाई जाएगी। सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कहा, “विपक्ष का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि आंदोलन से राजनीतिक लाभ लेना है। जब सोनम वांगचुक लंबे समय तक भूख हड़ताल पर थे, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में सामने नहीं आए। अब जब आंदोलन को देशभर में व्यापक समर्थन मिलने लगा है, तब कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।”

राजू वाघमारे ने कांग्रेस सांसद मसूद की ओर से राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणियों का भी जिक्र करते हुए कहा, “किसी भी नेता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी उचित नहीं है। लोकतांत्रिक राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।”

राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए वाघमारे ने कहा, “जब छात्र कई दिनों तक जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे, तब कांग्रेस नेतृत्व वहां नहीं पहुंचा। अब अचानक छात्रों और सोनम वांगचुक की चिंता जताना केवल राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है। यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ होती तो आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही उनके बीच मौजूद रहती।”

शिवसेना प्रवक्ता ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “दोनों ठाकरे भाई अब छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतर रहे हैं, जबकि आंदोलन लंबे समय से चल रहा था। यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता होती तो वे पहले ही आंदोलन का समर्थन करते। विपक्षी दल छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “आज की युवा पीढ़ी राजनीतिक दिखावे और वास्तविक समर्थन के बीच अंतर समझती है। छात्रों की समस्याओं का समाधान केवल संवाद और ठोस नीतिगत फैसलों से ही संभव है, न कि राजनीतिक बयानबाजी से। सरकार परीक्षा सुधार और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”