Saturday, July 25, 2026
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असम बाढ़ पर पीएम मोदी ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से की बात, हरसंभव मदद का दिया भरोसा

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गुवाहाटी, 25 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर बात की और राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कामों के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें बाढ़ की स्थिति, बाढ़ से हुए नुकसान के पैमाने, राहत कार्यों की प्रगति और राज्य प्रशासन के सामने आ रही चुनौतियों का जायजा लेने के लिए फोन किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री को उन कदमों के बारे में जानकारी दी जो असम सरकार प्रभावित लोगों को राहत देने और यह सुनिश्चित करने के लिए उठा रही है कि बाढ़ से प्रभावित हर परिवार तक मदद पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ से हुई जान-माल की भारी क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया और दोहराया कि इस संकट के समय केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि भारत सरकार इस आपदा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है और राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कामों में हरसंभव मदद देगी।”

उन्होंने बाढ़ की मौजूदा आपात स्थिति के दौरान लगातार समर्थन और भरोसा दिलाने के लिए असम के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार भी जताया। सरमा ने कहा, “असम के लोग इस मुश्किल समय में लगातार समर्थन के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत आभारी हैं।”

असम में राज्य और पड़ोसी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से बार-बार बाढ़ आ रही है, जिससे कई जिले प्रभावित हुए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से 11 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और बाढ़ प्रभावित जिलों की अलग-अलग जगहों पर बचाव कार्य चल रहे हैं।

प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने, बचाव और राहत कार्यों में राज्य की एजेंसियां, जिला प्रशासन, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), सेना और बचाव दल की दूसरी टीमें लगी हुई हैं।

राज्य सरकार राहत कैंप चला रही है, जरूरी सामान बांट रही है और खराब हुए बुनियादी ढांचे को ठीक कर रही है। साथ ही वह केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर बाढ़ की बदलती स्थिति पर लगातार नजर भी रख रही है।