नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की अनाहत सिंह इतिहास रचने से बस एक जीत दूर हैं। मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर वह पिछले 21 साल में वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
अपना पहला वर्ल्ड जूनियर खिताब जीतने की कोशिश में जुटीं शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में 3/4 सीड खिलाड़ी बारब को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराया।
अनाहत ने मजबूत शुरुआत की और पहला गेम 11-3 से जीता। इसके बाद सामेह ने वापसी की और दूसरा गेम 11-8 से जीतकर मैच बराबरी पर ला दिया। हालांकि भारतीय खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी की और आखिरी दो गेम 11-4 और 11-6 से जीतकर मैच को अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट के फाइनल का टिकट हासिल किया, जहां उनके पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका होगा।
जीत के बाद अनाहत ने कहा, “मैं सच में बहुत खुश हूं। मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बारब के साथ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा। कल मैं अपना बेस्ट नहीं खेल पाई थी और मुझे पता था कि इस मुकाबले में मुझे कोर्ट पर उतरकर दिखाना होगा कि मैं क्या कर सकती हूं। मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।”
अनाहत और ऐतिहासिक जीत के बीच अब मिस्र की दूसरी सीड खिलाड़ी रुकैया सलेम खड़ी हैं। उन्होंने फाइनल में पहुंचने के लिए अपनी ही देश की खिलाड़ी और 3/4 सीड मलिका एलकाराक्सी को हराया। पिछले साल की चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहीं सलेम ने शुरुआच से ही मैच पर पकड़ बनाई। उन्होंने पहले दो गेम 11-5 और 11-9 से जीते। इसके बाद सिर्फ 15 साल की एलकाराक्सी ने वापसी की और तीसरा गेम जीता, लेकिन सलेम ने अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने एक कड़े मुकाबले वाले चौथे गेम को 11-9 से जीतकर चैंपियनशिप मैच में अपनी जगह पक्की की।
मैच के बाद भावुक सलेम ने कहा, “मेरे पास अभी कहने के लिए शब्द नहीं हैं। मैंने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है। पिछले साल इस इवेंट के लिए क्वालीफाई न कर पाना बहुत दुखद था। इस इवेंट में आते समय मुझे पता था कि मैं उस दर्द को सार्थक बनाना चाहती हूं। फाइनल में पहुंचकर मैं बहुत खुश हूं।” वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का फाइनल शनिवार को होगा, जिसमें अनाहत प्रतिष्ठित महिला खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने की कोशिश करेंगी।

