Saturday, July 25, 2026
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कारगिल विजय दिवस समारोह में शामिल होने श्रीनगर पहुंचे राजनाथ सिंह

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श्रीनगर, 25 जुलाई (आईएएनएस)। 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को श्रीनगर पहुंचे। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से उड़ान संभव नहीं हो सकी, जिसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से द्रास जाने का फैसला किया।

श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रक्षा मंत्री का स्वागत जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के साथ किया। पहले उनका कार्यक्रम हेलीकॉप्टर से द्रास पहुंचने का था, लेकिन प्रतिकूल मौसम और खराब उड़ान परिस्थितियों के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान रद्द करनी पड़ी। इसके बाद राजनाथ सिंह सड़क मार्ग से द्रास के लिए रवाना हुए।

द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में शनिवार से दो दिवसीय कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर देश 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।

हर वर्ष आयोजित होने वाले इस समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, युद्ध के पूर्व सैनिक, शहीदों के परिजन, नागरिक गणमान्य व्यक्ति और सरकार के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। यह आयोजन कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत को याद करने के साथ-साथ सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करने का अवसर भी है।

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को पूरे देश में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन 1999 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों और पाकिस्तानी सैनिकों को लद्दाख के उत्तरी कारगिल जिले की ऊंची पहाड़ियों पर कब्जाई गई चौकियों से खदेड़कर ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। इस वर्ष कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।

कारगिल युद्ध के दौरान शुरुआत में पाकिस्तान ने अपनी सेना की भागीदारी से इनकार करते हुए दावा किया था कि लड़ाई कश्मीरी उग्रवादियों द्वारा लड़ी जा रही है। हालांकि, युद्ध में मारे गए लोगों के पास मिले दस्तावेज, युद्धबंदियों की गवाही और बाद में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तथा तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि इस अभियान में जनरल अशरफ राशिद के नेतृत्व में पाकिस्तानी अर्द्धसैनिक बलों की सीधी भूमिका थी।