Sunday, July 26, 2026
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अब पाकिस्तान से कोई बात होगी तो सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर पर होगीः राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। हमारी मंशा साफ है कि अब पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी और अगर बात होगी भी तो सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर होगी। जो कि भारत का हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध तरीके से कब्जा किया था। कारगिल विजय दिवस यह बात रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कही।

कारगिल वॉर मेमोरियल से बोलते हुए उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमारे लिए एक सामान्य दिन भर नहीं है। यह हर उस युवा के लिए प्रेरणा का दिन है, जो व्यक्तिगत सफलता और राष्ट्रीय कर्तव्य के बीच का अंतर समझना चाहता है। यह दिन हमें सिखाता है कि ‘बलिदान’ और ‘सेवा’ का भाव ही किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होता है।

रक्षामंत्री ने कहा, “आज भारत इनोवेशन के नए रास्ते खोज रहा है, तो पाकिस्तान घुसपैठ के नए रास्ते खोज रहा है। भारत चिप डिजाइन कर रहा है, तो पाकिस्तान टेरर डिजाइन में लगा हुआ है। भारत दुनिया को सॉफ्टवेयर दे रहा है, तो पाकिस्तान दुनिया को स्लीपर सेल दे रहा है। भारत डेटा सेंटर्स बना रहा है, तो पाकिस्तान रेडिकल सेंटर्स बना रहा है। भारत यूपीआई से दुनिया को जोड़ रहा है, तो पाकिस्तान हवाला से आतंकवाद को जोड़ रहा है। यानी हमारे रास्ते अलग-अलग हैं, ऐसे में अगर पाकिस्तान अपने घटिया मंसूबे लेकर हमारी समृद्धि के रास्ते में रोड़ा लेकर आता है, तो उसे करारा जवाब देने के लिए भी हमारी सेनाएं तैयार बैठी हैं।”

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने हमेशा अपने शौर्य का परिचय दिया है। अभी हाल ही में हमने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का एक वर्ष पूरा किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारी सेनाओं ने आतंकवादियों और उनके सरपरस्तों को ऐसा जवाब दिया है, जिसे वे आजीवन नहीं भूल पाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया कि अब भारत को आतंकवाद के सहारे डराने का सपना देखने वालों का अंजाम क्या होगा। भारत पाकिस्तान के हर दुस्साहस का जवाब उसकी कल्पना से कहीं अधिक कठोर तरीके से देने की क्षमता रखता है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “मैं इस मंच से, यह साफ संदेश देना चाहता हूं कि भारत की संप्रभुता की ओर बढ़ने वाले हर नापाक कदम का यही अंजाम होगा।” उन्होंने कहा कि जो तिरंगा कारगिल वॉर मेमोरियल पर इतनी शान से लहरा रहा है, इसकी आन, बान और शान की एक बहुत बड़ी कीमत है। आज से ठीक 27 वर्ष पूर्व, 1999 की इसी जुलाई में, हमारी मातृभूमि पर एक कायरतापूर्ण और कुटिल हमला हुआ था। पाकिस्तान ने, अपनी सेना के घुसपैठियों के माध्यम से, छल-बल और धोखे का सहारा लेते हुए, हमारी चोटियों पर कब्जा कर लिया था।

“ये वो चोटियां थीं, जो सर्दियों में खाली रहती थीं और दुश्मन ने उसी संधिकाल का फायदा उठाया। लेकिन दुश्मन, हमारी सेना के शौर्य और संकल्प की ऊँचाई को भाँपने में चूक गया। हमारे जवानों ने सिर्फ पहाड़ की ऊंचाइयों को ही नहीं बल्कि मानवीय सीमाओं की हर परिभाषा को भी पार करके दिखाया। केवल कारगिल ही नहीं, बल्कि आजादी के बाद से आज तक जब-जब राष्ट्र के सामने कोई चुनौती आई है, तब-तब वीर सैनिकों ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान से भारत का गौरव, विश्व पटल पर और अधिक ऊंचा किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी आगे भी इसी समर्पण, निष्ठा और पराक्रम के साथ मातृभूमि की सीमाओं की रक्षा करते रहेंगे।”

रक्षामंत्री ने कहा, “मैं आप लोगों को यहां इस मंच से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि केंद्र सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति में कोई कमी नहीं है। सरकार पूरी तन्मयता से अपनी सेना के साथ खड़ी है। देश की जनता और देश की संसद अपने सैनिकों पर पूरा भरोसा करती है। हम यह जानते हैं कि जब तक आप सीमाओं पर हमारी रक्षा कर रहे हैं, भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत भी, किसी के अंदर नहीं हो सकती है।”

–आईएएनएस

जीसीबी/एएस