Sunday, July 26, 2026
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21 जुलाई 1993 पुलिस फायरिंग मामला फिर सुर्खियों में, पूर्व गृह सचिव मनीष गुप्ता के खिलाफ कांग्रेस ने दर्ज कराई एफआईआर

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कोलकाता, 26 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई 1993 की पुलिस फायरिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस घटना में यूथ कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी। अब पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मामले में राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व नौकरशाह मनीष गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

जब 1993 में यह पुलिस फायरिंग हुई थी, उस समय ज्योति बसु पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री थे और मनीष गुप्ता राज्य के गृह सचिव (होम सेक्रेटरी) के पद पर कार्यरत थे।

सेवानिवृत्ति के बाद मनीष गुप्ता ने 2011 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। यही चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आया, जिसमें 34 वर्षों के वाम मोर्चा शासन का अंत हुआ और ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी।

2011 के चुनाव में मनीष गुप्ता ने दक्षिण 24 परगना जिले की जादवपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा सीपीआई(एम) के उम्मीदवार बुद्धदेव भट्टाचार्य को हराया। इसके बाद उन्हें तब के ममता बनर्जी सरकार में बिजली मंत्री बनाया गया। बाद में वे तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य भी बने।

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद मनीष गुप्ता ने पार्टी और सक्रिय राजनीति से हमेशा के लिए अलग होने की घोषणा कर दी।

इसी महीने पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुषांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट पेश की। इस आयोग का गठन ममता बनर्जी सरकार ने 21 जुलाई 1993 की पुलिस फायरिंग की जांच के लिए किया था।

रिपोर्ट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि उस समय के गृह सचिव मनीष गुप्ता के निर्देश पर ही पुलिस फायरिंग हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि 15 वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस रिपोर्ट को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मनीष गुप्ता को बचाना चाहती थीं।

सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा था कि यदि कोई इस मामले में शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो उनकी सरकार इस पूरे मामले की दोबारा जांच शुरू करेगी।

इसी घोषणा के बाद अब पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए कोलकाता पुलिस के सेंट्रल डिवीजन के हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मनीष गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कांग्रेस की ओर से 21 जुलाई को कमेटियों के अध्यक्ष अमिताभ चक्रवर्ती ने यह शिकायत दर्ज कराई।

एफआईआर दर्ज कराने के बाद अमिताभ चक्रवर्ती ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष और कानूनी जांच होगी। मनीष गुप्ता सहित इस घटना में शामिल प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”

वहीं, पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि 21 जुलाई 1993 पुलिस फायरिंग में जान गंवाने वाले शहीदों को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जो वादा किया था, उसे अब जमीन पर लागू किया जाना चाहिए।