Monday, July 27, 2026
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सोनम वांगचुक को अस्पताल से मिली छुट्टी, बोले- काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं

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नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। उन्होंने 26 दिन बाद 24 जुलाई को अपना अनशन समाप्त किया था।

वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “आखिरकार मुझे अस्पताल से छुट्टी मिल रही है। मैं महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाऊंगा और फिर पहाड़ों पर वापस लौटूंगा। आप सभी का धन्यवाद। मेदांता अस्पताल, गुड़गांव के डॉक्टरों और स्टाफ की पूरी टीम का भी बहुत-बहुत आभार।”

वांगचुक ने एक वीडियो संदेश में कहा, “आज आखिर वह दिन आ गया है, जब मुझे अस्पताल से छुट्टी मिल रही है। अब मैं काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। धीरे-धीरे खाना शुरू कर दिया है और शरीर में ताकत लौट रही है। लद्दाख लौटने से पहले मैं राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा। आपको याद होगा कि इस अभियान की शुरुआत से पहले भी हम राजघाट गए थे और वहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जंतर-मंतर पहुंचे थे।”

उन्होंने कहा, “लद्दाख लौटने से पहले मैं दिल की गहराइयों से आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। देशभर के लोगों ने हमारी आवाज से आवाज मिलाई और इस मुहिम का साथ दिया। हम आगे भी आप सबसे जुड़े रहने की उम्मीद करते हैं। सभी को सलाम, नमस्कार और जय हिंद।”

इससे पहले 24 जुलाई को अनशन समाप्त करने के बाद जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिनों बाद अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने कहा था कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और संसद में नीट तथा परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया।

वांगचुक ने तब यह भी कहा था कि सरकार की ओर से आए मंत्रियों ने भी उन्हें आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से लिखित आश्वासन को लेकर बातचीत चल रही थी। इस प्रक्रिया में दो दिन लगने के कारण उनका अनशन भी दो दिन और बढ़ गया। अंततः सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन प्राप्त हुआ।