माले, 27 जुलाई (आईएएनएस)। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने रविवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस/एसएएआरसी) को फिर से शुरू करने की जरुरत पर जोर दिया। उन्होंने सदस्य देशों से इलाके के हित में बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की।
आजादी के 61 साल पूरे होने के अवसर पर मालदीव में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति मुइज्जु ने दक्षेस को फिर से शुरू करने पर जोर दिया। मुइज्जू ने एसएएआरसी समूह के अंदर मौजूदा रुकावट का जिक्र किया और दोहराया कि मतभेद बातचीत के जरिए सुलझाए जाने चाहिए।
बयान के अनुसार, उन्होंने एसएएआरसी सदस्य देशों से इलाके की शांति और सहयोग के हित में बातचीत की टेबल पर लौटने की अपील की। उन्होंने आगे कहा कि ग्रुप के सामने अभी जो रुकावट है, उसे खत्म करने के लिए मीडिएटर के तौर पर काम करने के लिए तैयार है।
43 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठन के 113 डिप्लोमैट्स के सामने अपनी बड़ी बातों में, मालदीव के राष्ट्रपति ने सरकार की विदेश नीति के बारे में भी डिटेल में बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांतिपूर्ण बातचीत से झगड़े सुलझाने की अपील की।
इस बीच, जुलाई की शुरुआत में, बांग्लादेश ने भी दक्षिण एशिया में सहयोग को गहरा करने के लिए अपना समर्थन जताया और पोटेंशियल और परफॉर्मेंस के बीच के गैप को कम करने की अपील की।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने दक्षेस को फिर से शुरू करने के लिए खास कदम बताए और कहा, “संगठन को मजबूत इम्प्लीमेंटेशन कैपेसिटी, ज्यादा फाइनेंशियल मजबूती, ज्यादा असरदार स्पेशलाइज्ड मैकेनिज्म और फॉलो-अप का प्रैक्टिकल कल्चर चाहिए।”
उन्होंने बताया कि दक्षेस के सदस्य देशों के साथ बातचीत के बाद बांग्लादेश अपने साझेदार देशों के बीच सीनियर अधिकारियों की मीटिंग बुलाने और काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के विशेष सत्र की संभावना के लिए ज्यादा सहयोग को लेकर विचार कर रहा है।
बता दें, दक्षेस समूह एक क्षेत्रीय राजनीति और आर्थिक संगठन है जिसमें आठ सदस्य देश शामिल हैं, भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका।
हालांकि इस समूह का मकसद पूरे दक्षिण एशिया में आर्थिक सहयोग, रीजनल इंटीग्रेशन और विकास को बढ़ावा देना है, लेकिन हाल के सालों में इसमें रुकावट आई है। इसका मुख्य कारण पाकिस्तान द्वारा सीमापार आतंकवाद की लगातार घटनाएं हैं।

