Tuesday, July 28, 2026
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असम बाढ़: राहत कार्यों के लिए विधायक देंगे एक महीने का वेतन, विधानसभा अध्यक्ष का ऐलान

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गुवाहाटी, 28 जुलाई (आईएएनएस)। असम में आई भीषण बाढ़ के बीच राज्य के सभी विधायक राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। इस बात की घोषणा मंगलवार को असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने सदन में की।

सदन में घोषणा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शासित राज्य के कई जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सभी दलों के विधायकों ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने का वेतन देने पर सहमति जताई है।

बिस्वजीत दैमारी ने यह भी घोषणा की कि वह स्वयं और उपाध्यक्ष भी बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।

इसके अलावा, असम विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्वेच्छा से एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों को और मजबूती मिल सके।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब ऊपरी असम के बड़े हिस्से अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।

राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

ताजा सरकारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) समेत कई जिलों में चार लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

प्रशासन राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में रह रहे लोगों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

मुख्यमंत्री राहत कोष का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। सरकार को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मचारियों, विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से राहत और पुनर्वास कार्यों को और गति मिलेगी।

विधानसभा की ओर से सामूहिक रूप से किया गया यह योगदान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के बाढ़ राहत एवं पुनर्वास प्रयासों के प्रति सभी दलों के समर्थन का भी प्रतीक माना जा रहा है।