Tuesday, July 28, 2026
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सोनम वांगचुक की नसीहत पर कांग्रेस का पलटवार, सुरेंद्र राजपूत बोले-छात्रों को नहीं, दूसरों को समझाएं

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लखनऊ, 28 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बयान पर उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि बच्चे तो पहले से ही विनम्र हैं, इसलिए वे बोले, जहां बोलना चाहिए।

राजपूत का यह बयान उस समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जश्न की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो को लेकर सोनम वांगचुक ने समर्थकों से विनम्रता और शालीनता के साथ जश्न मनाने की अपील की थी। उन्होंने याद दिलाया कि हर जीत के साथ जिम्मेदारी भी आती है और सफलता कभी भी दूसरों के सम्मान या गरिमा की कीमत पर नहीं मिलनी चाहिए। संयम बरतने की बात कहते हुए वांगचुक ने लोगों से सहानुभूति के साथ आगे बढ़ने की अपील की और जोर देकर कहा कि “जीत में भी विनम्रता होनी चाहिए।”

लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “बच्चों की विजय में विनम्रता होती है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से विनम्रता के साथ विजय मनाने के पक्ष में रही है।”

उन्होंने कहा कि छात्रों ने तो दिल्ली पुलिस से भी हाथ मिलाकर विदा ली थी। कठोरता तो दिल्ली पुलिस ने दिखाई, बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने दिखाई। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को जिन लोगों के बारे में बोलना चाहिए, उनके बारे में बोलें, छात्रों को नहीं बोलना चाहिए। वे विनम्र ही हैं।

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के ‘वंदे मातरम बिल’ को लेकर दिए बयान पर राजपूत ने कहा कि भाजपा और एआईएमआईएम दोनों राष्ट्र-विरोधी ताकतों के रूप में सामने आ रहे हैं। हिंदुस्तान सभी धर्मों का है। एक राजनीतिक पार्टी हिंदुओं की और दूसरी मुसलमानों की हो तो यह सोच संविधान के खिलाफ है।

बिहार सरकार द्वारा छात्रों के खिलाफ केस वापस लेने के फैसले पर राजपूत ने कहा कि बिहार पुलिस ने जिस तरह से छात्रों के साथ बर्ताव किया, उसे कहीं से उचित नहीं समझा जा सकता है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि सीएम सम्राट चौधरी को बर्खास्त किया जाए।

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद परिसर के बाहर उनके स्वागत पर राजपूत ने कहा कि यह छात्रों को चिढ़ाने वाली बात है। भाजपा की छात्रों और उनके भविष्य के प्रति कोई सकारात्मक सोच नहीं है। वे छात्रों को उपद्रवी मानते हैं।

कंगना रनौत के बयान पर कांग्रेस नेता ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। जैसी उनकी सोच है, तभी तो वे भाजपा में शामिल होकर सांसद बनीं। कंगना रनौत को बच्चे पसंद नहीं हैं। जेन जी पसंद नहीं है और छात्रों का भविष्य भी पसंद नहीं है। वे नकारात्मक मानसिकता वाली महिला हैं।