एथेंस, 28 जुलाई (आईएएनएस)। ग्रीस में भारत के राजदूत रवि शंकर ने मंगलवार को हेलेनिक एयर फोर्स जनरल स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डेमोस्थनीज ग्रिगोरियाडिस से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने भारत और ग्रीस की वायु सेनाओं के बीच चल रहे सहयोग और नई पहलों पर चर्चा की।
ग्रीस में भारतीय दूतावास के मुताबिक, हेलेनिक एयर फोर्स की ओर से होस्ट की जाने वाली एक बड़ी सालाना मल्टीनेशनल एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग एक्सरसाइज ‘इनियोचोस’ में भारत की भागीदारी और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सबसे बड़े द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में ग्रीस की भागीदारी से दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच बेहतर समझ और मजबूत साझेदारी बनी है।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राजदूत रवि शंकर ने हेलेनिक एयर फोर्स जनरल स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डेमोस्थेनीस ग्रिगोरियाडिस से मुलाकात की। दोनों ने हमारी वायु सेनाओं के बीच चल रहे सहयोग पर चर्चा की। ‘इनियोचोस’ में भारत और ‘तरंग शक्ति’ में ग्रीस की भागीदारी ने आपसी समझ और साझेदारी को और मजबूत किया है।”
इसके अलावा, भारतीय राजदूत ने वेस्ट मणि क्षेत्र के मेयर जॉर्जोस चिउरियास से भी मुलाकात की। इस बैठक में वेस्ट मणि क्षेत्र और भारत के बीच संभावित सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई, खासकर भारत से जाने वाले कामगारों को लेकर।
दूतावास ने बताया कि बातचीत में भारत के लोगों के लिए हॉस्पिटैलिटी, निर्माण (कंस्ट्रक्शन) और खेती से जुड़े कामों में रोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई। साथ ही, भारत और ग्रीस के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी बात की गई।
इससे पहले 16 जुलाई को राजदूत रवि शंकर ने ग्रीस के राष्ट्रपति को अपना लेटर ऑफ क्रेडेंस सौंपा था। इस दौरान उन्होंने भारत के नेतृत्व की ओर से शुभकामनाएं दीं और भरोसा दिलाया कि वे भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगे।
दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राजदूत रवि शंकर ने ग्रीस के राष्ट्रपति को अपना परिचय-पत्र सौंपा। उन्होंने भारत के नेतृत्व की ओर से शुभकामनाएं दीं और आश्वासन दिया कि भारत और ग्रीस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करेंगे।”
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, भारत और ग्रीस के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के महत्वपूर्ण मुद्दों का समर्थन किया है। समय के साथ दोनों देशों के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी अच्छे और भरोसेमंद रिश्ते बने हैं।

