Wednesday, July 29, 2026
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‘गाली-गलौज कोई रणनीति नहीं है’, विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई अभद्र टिप्पणियों पर राजीव चंद्रशेखर का निशाना

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नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसको लेकर केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने निशाना साधा है।

राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सिस्टम पर सवाल और असहमति आपका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यह कभी भी गाली-गलौच और हिंसा में बदलना नहीं चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, “सिस्टम पर सवाल? हमेशा। असहमत? बिल्कुल। यही डेमोक्रेसी है।”

चंद्रशेखर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आगे लिखा, “परंतु गाली-गलौज कोई रणनीति नहीं हो सकती, और न ही नफरत के सहारे करियर बनाया जा सकता है या देश बदला जा सकता है। यह देखना अत्यंत चिंताजनक है कि विपक्ष सस्ते राजनीतिक लाभ के लिए हमारे युवाओं को रचनात्मक बहस के बजाय गाली-गलौज और आक्रोश की ओर धकेल रहा है।”

युवाओं के भविष्य और राष्ट्र निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा, “हमारे युवा प्रोत्साहन, अवसरों और अपने सपनों का भारत गढ़ने के मार्ग के हकदार हैं, न कि ऐसे रास्ते के जो उन्हें अराजकता, अव्यवस्था और हिंसा की ओर ले जाए। अराजकता को नकारें और विकसित भारत का संकल्प चुनें।”

इससे पहले राजीव चंद्रशेखर ने एक और सोशल मीडिया पोस्ट में सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा और उमर खालिद को लेकर सौरव दास का पुराना पोस्ट शेयर किया। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से कहा कि वे सोच-समझकर तय करें कि किसका समर्थन करना है।

चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास की उमर खालिद से जुड़ी एक पुरानी पोस्ट शेयर की। इसके साथ उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें सौरव दास और उमर खालिद साथ नजर आ रहे हैं।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “उन वास्तविक छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए, जिन्होंने अपनी वास्तविक शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया, मैं कहूंगा कि इस तस्वीर और इसके संदेश को देखें और समझदारी से तय करें कि आप किसके साथ खड़े हैं।”

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि आपका भविष्य ऐसे लोगों के हाथों बनेगा, जिनकी विचारधारा भारत को बांटना और तोड़ना है, तो आपको उनकी वास्तविकता समझने की जरूरत है।”