Wednesday, July 29, 2026
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असम में बाढ़: विधायक अखिल गोगोई ने आर्थिक सहायता बढ़ाने की मांग की

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गुवाहाटी, 29 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसागर के विधायक और रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने बुधवार को असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक मदद में भारी बढ़ोतरी की मांग की। उन्होंने कहा कि इस साल बाढ़ से हुई भारी तबाही को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से घोषित राहत बहुत कम है।

शिवसागर में मीडिया से बात करते हुए विधायक ने ‘अरुनोदोई’ योजना के तहत मिलने वाले फायदों को बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया लेकिन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से अपील की कि वे इस योजना का दायरा बढ़ाकर बाढ़ से प्रभावित परिवारों की हर महिला को इसमें शामिल करें।

क्षतिग्रस्त घरों और पानी में डूबे गांवों की तस्वीरें दिखाते हुए गोगोई ने कहा कि बाढ़ ने न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बल्कि बड़ी संख्या में मध्यम-वर्गीय परिवारों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे उनके घरों, संपत्ति और आजीविका का भारी नुकसान हुआ है।

केंद्र से ज्यादा दखल की मांग करते हुए ‘रायजोर दल’ के नेता ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने तबाही के फोटो-सबूत पेश करें और असम के लिए एक व्यापक आर्थिक पैकेज की मांग करें।

उन्होंने बाढ़ से प्रभावित हर परिवार के लिए 10 लाख रुपए के एकमुश्त मुआवजे की मांग की और कहा कि लोगों को हुए असल नुकसान की तुलना में मौजूदा राहत बहुत कम है।

यह दावा करते हुए कि अकेले शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40,000 परिवार प्रभावित हुए हैं, गोगोई ने केंद्र से इस क्षेत्र में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए विशेष रूप से 400 करोड़ रुपए के पैकेज की मांग की।

बुरी तरह प्रभावित परिवारों के लिए सरकार द्वारा 15,000 रुपए की सहायता की घोषणा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह रकम उन पीड़ितों की भरपाई के लिए काफी नहीं है जिन्होंने अपने घर, खेती की जमीन, मवेशी और दूसरी संपत्तियां खो दी हैं।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सरमा के हालिया दिल्ली दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बावजूद असम के लिए कोई विशेष आर्थिक पैकेज नहीं मिल पाया।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंता प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय नहीं ले पाए और केंद्र से मदद हासिल करने में राज्य की क्षमता पर सवाल उठाए।

इस बार की बाढ़ को असम के इतिहास की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि इस संकट पर उतना राष्ट्रीय ध्यान नहीं दिया गया जितना दिया जाना चाहिए था।

उन्होंने असम के सभी सांसदों से अपील की कि वे मिलकर प्रधानमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाएं और तुरंत आर्थिक मदद की मांग करें।

विरोध प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी देते हुए गोगोई ने कहा कि अगर सरकार उचित मुआवजा देने में नाकाम रहती है, तो वे बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रदर्शनों का नेतृत्व करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन भी शामिल होगा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बाढ़ ने शिवसागर और नजीरा के परिवारों को आर्थिक रूप से लगभग दो दशक पीछे धकेल दिया है और कहा कि अगर केंद्र से प्रस्तावित 400 करोड़ रुपए का पैकेज नहीं मिला, तो राज्य सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।