Friday, July 31, 2026
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पीओके में मानवाधिकारों का उल्लंघन, पुलिस पर कोटली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर फायरिंग का आरोप

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इस्लामाबाद, 30 जुलाई (आईएएनएस)। बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है और महिलाओं को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के कब्‍जे वाले कश्मीर (पीओके) का गुरुवार को एक वीड‍ियो वायरल हुआ। वीड‍ियो में महिलाओं को अपनी जान बचाने के ल‍िए भागते हुए देखा गया। आरोप है क‍ि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने कोटली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर गोल‍ियां चलाईं।

कोटली में महिला प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में जुटी थीं और रावलकोट तथा मीरपुर में पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगा रही थीं। तभी पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी।

एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम अपने भाइयों का साथ देने के लिए बाहर आए हैं। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हम उनके साथ खड़े हैं। हम उनके लिए हर कदम पर साथ देने को तैयार हैं। जो लोग हम पर गोली चला रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहती हूं कि हम किसी चीज से डरने वाले नहीं हैं।”

पिछले तीन दिनों में पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

रिपोर्टों का हवाला देते हुए यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने बुधवार को कहा कि 27 और 28 जुलाई के बीच रावलकोट, मीरपुर और अन्य इलाकों में लगभग 40 नागरिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए और मनमाने तरीके से गिरफ्तार किए गए।

गंभीर चिंता जताते हुए संगठन ने आरोप लगाया कि पांच जून से अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कई लोगों को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया है।

पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई की निंदा करते हुए यूकेपीएनपी ने कहा कि शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा या गैरकानूनी बल का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कदम उठाने की अपील की। उसने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, घटनाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान कराने के लिए दबाव बनाया जाए।