श्रीनगर, 31 जुलाई (आईएएनएस)। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक आतंकी हमले में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय आतंकवादियों ने कुलगाम के केलम गांव में एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले इन दो मजदूरों पर गोली चलाई और उन्हें घायल कर दिया।
एक अधिकारी ने कहा कि दोनों को तुरंत बेहतर इलाज के लिए अनंतनाग शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, छत्तीसगढ़ के दीपक और उत्तर प्रदेश के भूपिंदर नाम के इन दोनों घायल मजदूरों की अस्पताल में गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
यह घटना हाल की आतंकवादी हिंसा के जवाब में कश्मीर घाटी में आतंकवाद-रोधी अभियानों के तेज होने के बीच हुई है। पिछले हफ्ते, आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर आर्म्ड पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी थी।
1990 के दशक में प्रमुख हस्तियों, जजों, सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने और कश्मीरी पंडितों पर हमलों के बाद, 2019 के बाद आतंकवादी समूहों ने अपनी रणनीति बदली और ‘हाइब्रिड’ तरीकों और कम-दिखाई देने वाले डराने-धमकाने के तरीकों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया।
आर्थिक एकीकरण को बाधित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए प्रवासी मजदूरों, सड़क किनारे व्यापार करने वालों और ट्रक ड्राइवरों को सार्वजनिक स्थानों पर सुनियोजित तरीके से गोली मारी गई।
अक्टूबर 2024 में, आतंकवादियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हमले किए, जैसे कि गांदरबल के गगनगीर में एक कंस्ट्रक्शन कैंप पर हुआ हमला, जिसमें कई बाहरी इंजीनियर और मजदूर मारे गए। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल ट्रांजिट कॉरिडोर और बाहरी मजदूरों के काम करने की जगहों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
हमलावरों का पता लगाने के ऑपरेशन की देखरेख के लिए पुलिस और सीआरपीएफ के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

