नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जंतर-मंतर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में छात्रों को माफ कर दिया है। पीएम मोदी के इस वीडियो संदेश को जहां भाजपा ने इसे पीएम मोदी का बड़ा दिल बताया है तो वहीं, कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संसद में सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि नादानी में बच्चे कभी उत्तेचित होकर कुछ कह देते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन पर लाठीचार्ज कर दिया जाए।
आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद ने कहा कि असली सवाल यह है कि ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों हुई, जिसके कारण छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ पहले ज्यादतियां की गईं और अब उन्हें माफ करने की बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि हमने सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को हुई घटना के संबंध में जवाबदेही मांगी है। सदन में विपक्षी दलों के नेता भी सरकार से जवाबदेही मांग रहे हैं। लेकिन, अमित शाह अभी तक इस मामले पर चुप्प हैं।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कुमारी शैलजा ने दुख जताया।
उन्होंने कहा कि कुलगाम में निर्दोष मजदूरों की पहचान पूछकर की गई नृशंस हत्या अत्यंत दुखद, कायरतापूर्ण और मानवता के विरुद्ध जघन्य अपराध है। आतंकवाद का ऐसा वीभत्स चेहरा किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है। इस अमानवीय घटना की कठोरतम शब्दों में निंदा करती हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। दोषियों को शीघ्र कानून के दायरे में लाकर कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसे जघन्य कृत्य करने वालों को स्पष्ट संदेश मिले कि आतंक और हिंसा के लिए देश में कोई स्थान नहीं है।
दूसरी ओर, पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने कहा कि 12 साल में बेरोजगारी बढ़ी, महिलाओं की सुरक्षा का हाल हम लोग देख ही रहे हैं। इस सरकार में लगातार महंगाई बढ़ती गई। शिक्षा का स्तर गिरा है और आए दिन पेपर लीक हो रहे हैं; महाराष्ट्र से लेकर ओडिशा तक, कई राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं, इसीलिए छात्रों में गुस्सा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीकाराम जूली ने कहा कि अच्छी बात है कि पीएम मोदी छात्रों को माफ करने की बात कर रहे हैं। लेकिन, पीएम मोदी को उन भाजपा सांसदों और नेताओं के बारे में भी दो शब्द कहना चाहिए, जो बच्चों के आंदोलन में विदेशी फंडिंग का कनेक्शन ढूंढ रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जिस तरह से बच्चों पर हमला किया। पीएम मोदी को इस बारे में भी दो शब्द बोलना चाहिए था।

