मैड्रिड, 2 अगस्त (आईएएनएस)। स्यूटा में प्रवासी संकट को लेकर स्पेन ने रविवार को अपने उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा की समुद्री सीमा पर एक फ्लोटिंग समुद्री बैरियर तैनात किया है। यह कदम सीमा नियंत्रण को और सख्त करने के लिए उठाया गया है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्यूटा के ताराजल बीच के पास लगाई गई फ्लोटिंग बैरियर अब पूरी तरह काम कर रही है। इसका मकसद समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकना है। हाल के दिनों में हजारों प्रवासी, जिनमें कई लोग तैरकर आए थे, इस इलाके में पहुंच गए थे।
स्पेनिश अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस संकट से जुड़ी आधिकारिक मृतकों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है।
वहीं, स्यूटा की क्षेत्रीय सरकार ने कहा कि शहर के मुर्दाघर में फिलहाल 88 शव रखे गए हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कुछ शव प्रवासियों की भारी आमद के दो हफ्ते से ज्यादा समय बाद समुद्र से निकाले गए। उनकी पहचान करने की प्रक्रिया अभी जारी है। हालांकि बड़े पैमाने पर प्रवासियों का आना अब काफी कम हो गया है, लेकिन स्यूटा में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
रविवार को भी पुलिस और सैन्य कर्मियों ने पूरे शहर में सुरक्षा अभियान जारी रखा। सड़कों पर मिले प्रवासियों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए लोगों को पहले पहचान की प्रक्रिया के लिए पुलिस थानों ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रवासियों की यह बड़ी आमद स्पेन के हाल के इतिहास की सबसे गंभीर सीमा संबंधी चुनौतियों में से एक बन गई है। इसके चलते स्पेन सरकार को आपात कदम उठाने पड़े हैं और पूरे यूरोप में प्रवासन प्रबंधन तथा यूरोपीय संघ (ईयू) की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
स्पेन के स्यूटा क्षेत्र में चल रहे इस आपात प्रवासी संकट पर चर्चा के लिए यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की एक बैठक चार अगस्त को बुलाई गई है।
इटली की न्यूज एजेंसी एडनक्रोनोस ने बताया कि बैठक 22 यूरोपीय देशों की ओर से भेजे गए एक पत्र के बाद बुलाई गई। इस पहल का नेतृत्व इटली और डेनमार्क ने किया, लेकिन स्पेन के पड़ोसी देशों फ्रांस और पुर्तगाल ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को 22 देशों और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की ओर से भेजा गया पत्र मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद संकट की स्थिति का आकलन करने के लिए एक आपात वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित करने पर सहमति बनी।
उन्होंने दोहराया कि अवैध प्रवासन से निपटने के लिए सभी देशों के सहयोग और पूरे यूरोप की एकजुट प्रतिक्रिया की जरूरत है।

