रांची, 3 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितताओं की जांच कर रही राज्य सीआईडी ने सोमवार सुबह से बड़ी कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़, हजारीबाग, पलामू समेत कई जिलों में 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
इनमें रांची के धुर्वा और नामकुम क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर संचालित कुछ कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने भी शामिल हैं। छापेमारी उन व्यक्तियों और संस्थानों पर की जा रही, जिनके नाम अब तक की जांच में सामने आए हैं या जिनके परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने की आशंका है।
जांच टीमों ने कई स्थानों से दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी अपने कब्जे में लिए गए हैं, जिनका फोरेंसिक विश्लेषण कराया जाएगा।
इससे पहले सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर में छापेमारी कर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए थे। जांच के दौरान अब तक आयोग और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे पूछताछ के आधार पर ही जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
इसी सिलसिले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांगते से भी कई चरणों में पूछताछ की जा चुकी है। उन्हें सोमवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच एजेंसी परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र प्रबंधन, मूल्यांकन प्रक्रिया और अन्य पहलुओं से जुड़े तथ्यों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में नए खुलासे हो सकते हैं और कई लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलित हैं। इस मामले को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है और परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

