Tuesday, August 4, 2026
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कर अपील की सीमा बढ़ाने से विवादित कर मांग में 16,690 करोड़ रुपए की गिरावट आई: सरकार

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नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि विभागीय कर विवादों में अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाए जाने के बाद विवादित कर मांग में अनुमानित 16,690 करोड़ रुपए की कमी आई है। इस कदम से आयकर अपीलीय मंचों पर लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि केंद्रीय बजट 2024-25 के बाद अधिसूचित नई मौद्रिक सीमाओं के चलते आयकर विभाग ने बड़ी संख्या में अपीलें वापस ले लीं या उन्हें दायर नहीं किया। इसका असर आयकर अपीलीय अधिकरण, उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित कर विवादों पर पड़ा।

उन्होंने बताया कि आयकर अपीलीय अधिकरण में 443 मामले वापस लिए गए, जबकि 11,390 अपीलें दायर नहीं की गईं। इससे विवादित कर मांग में अनुमानित 3,662.82 करोड़ रुपए की कमी आई।

इसी प्रकार, उच्च न्यायालयों में 4,791 मामले वापस लिए गए और 5,565 अपीलें दायर नहीं की गईं, जिससे विवादित कर मांग में लगभग 9,218.71 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई।

वहीं, सर्वोच्च न्यायालय में 744 मामले वापस लिए गए, जबकि 534 मामलों में अपील दायर नहीं की गई। इससे विवादित कर मांग में अनुमानित 3,807.15 करोड़ रुपए की कमी आई।

वित्त मंत्री ने बताया कि तीनों अपीलीय मंचों को मिलाकर विवादित कर मांग में कुल 16,690 करोड़ रुपए की अनुमानित कमी आई है।

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय बजट 2024-25 के तहत प्रत्यक्ष कर मामलों में विभागीय अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा 17 सितंबर 2024 से बढ़ाकर आयकर अपीलीय अधिकरण के लिए 60 लाख रुपए, उच्च न्यायालय के लिए 2 करोड़ रुपए और सर्वोच्च न्यायालय के लिए 5 करोड़ रुपए कर दी गई है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पिछले 12 वर्षों में कर अनुपालन को सरल बनाने और करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।

इन सुधारों में पहले से भरे हुए आयकर रिटर्न, संशोधित प्रपत्र 26एएस, अद्यतन आयकर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा, फेसलेस निर्धारण और अपील प्रणाली, रिटर्न दाखिल न करने वालों के लिए उच्च टीडीएस/टीसीएस प्रावधानों को हटाने, सुरक्षित सीमा व्यवस्था का युक्तिकरण तथा अनुमानित कराधान योजना का विस्तार जैसे कदम शामिल हैं।