Tuesday, August 4, 2026
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अपने पहले बजट में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा कर सकती है तमिलनाडु सरकार

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चेन्नई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार अपने पहले बजट में शिक्षा से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर सकती है। इनमें सरकारी स्कूलों से सरकारी कॉलेजों में जाने वाले छात्रों के लिए 8,000 रुपये की आर्थिक मदद और छोटे किसानों के बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा जैसी योजनाएं शामिल हैं।

तमिलनाडु का बजट 5 अगस्त को विधानसभा में पेश किया जाएगा और उसके बाद 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए तैयारियां चल रही हैं। लोगों को इससे काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह विजय सरकार का पहला पूर्ण बजट होगा।

खबरों के अनुसार, शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के मकसद से “वेट्री तमिलनाडु” नाम के पांच साल के विजन प्लान के तहत शिक्षा से जुड़ी कई घोषणाओं पर विचार किया जा रहा है।

सरकार से यह भी उम्मीद है कि वह शिक्षा को ‘राज्य सूची’ में लाने के अपने रुख को दोहराएगी और शिक्षा क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने के उपायों की रूपरेखा बताएगी। इन बाधाओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नीट परीक्षा को लागू करना भी शामिल है।

खबरों के मुताबिक, जिन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम से लेकर रिसर्च स्टडीज़ तक के कोर्स करने वाले छात्रों के लिए 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला एजुकेशन लोन शामिल है। सरकार उन किसानों के बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की घोषणा भी कर सकती है, जिनके पास दो एकड़ से कम खेती योग्य जमीन है।

एक और अहम प्रस्ताव यह है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट एडमिशन में आरक्षण को मौजूदा 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए।

उन जिलों में पांच नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जहां अभी कोई सरकारी प्रोफेशनल कॉलेज नहीं है। लगभग 30 सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों को ऑटोनॉमस संस्थानों में अपग्रेड भी किया जा सकता है।

कॉलेज एडमिशन से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करने के लिए, सरकार उन छात्रों के लिए 8,000 रुपये की एकमुश्त सहायता की योजना बना रही है, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है और बाद में सरकारी कॉलेजों में एडमिशन लिया है।

बजट उभरती हुई टेक्नोलॉजी को भी बड़ा बढ़ावा दे सकता है। सरकार ‘पेरियार इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ स्थापित करने पर विचार कर रही है। यह एक खास यूनिवर्सिटी होगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

प्रस्तावित उपाय सरकार के व्यापक पांच साल के शिक्षा रोडमैप का एक अहम हिस्सा होंगे और बजट में इनके लिए फंडिंग और इन्हें लागू करने के बारे में जानकारी दी जा सकती है।