Tuesday, August 4, 2026
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मंत्री पद न मिलने के बावजूद, मैं पार्टी के फैसले के साथ: एमएलसी राजन्ना

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मैसूर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में मौका न मिलने के कारण विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) राजेंद्र राजन्ना को मायूसी हुई है। हालांकि राजन्ना ने कहा कि कैबिनेट विस्तार में मौका मिलने की उम्मीद के बावजूद, वह पार्टी के फैसले का पूरा सम्मान करेंगे।

राजन्ना ने कहा, “मैं अपनी मां का आशीर्वाद लेने आया हूं। मैंने भगवान से प्रार्थना की है कि राज्य में अच्छी बारिश हो और सभी लोग शांति और खुशी से रहें।”

उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद थी कि कैबिनेट विस्तार में मेरे नाम पर भी विचार किया जाएगा। ऐसी उम्मीद थी कि मेरे जिले को भी मंत्री पद मिलेगा। लेकिन पार्टी ने अलग फैसला लिया है और मैं उसका सम्मान करता हूं। पार्टी जिसे भी मंत्री बनाएगी, हम उनके साथ मिलकर काम करेंगे।”

एमएलसी ने कहा, “हर किसी की इच्छा होती है कि उसे मंत्री पद मिले। लेकिन इस बार हमें मौका नहीं मिला। मुख्यमंत्री, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला ही अंतिम है।

राजन्ना ने कहा कि वह हमेशा सीधी और सच्ची बात करने वाले व्यक्ति हैं। आज की राजनीति में कुछ लोग उनकी सीधी बातों का गलत मतलब निकाल रहे हैं। अगले चुनावों को देखते हुए पार्टी को और मजबूत करने के लिए काम किया जाना चाहिए। जिले के मुद्दों पर भी उचित ध्यान दिया जाना चाहिए। उनके बयान का कोई और मतलब निकालने की जरूरत नहीं है। राजन्ना ने साफ किया कि वह पार्टी का पूरा सम्मान करते हैं और पार्टी के फैसले के साथ हैं।

इससे पहले सोमवार को मंत्री न बनाए जाने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नई दिल्ली में कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि टीबी जयचंद्र ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि सीनियर नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है या ईमानदार नेताओं को। मैं समझ नहीं पा रहा हूं। मैं दुखी हूं।”

सात बार विधायक रहे जयचंद्र ने कहा कि उनके समर्थकों और समुदाय के लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें कैबिनेट में जगह मिलेगी और अब वे उनके इस्तीके की मांग कर रहे हैं। मंत्रियों के चयन पर सवाल उठाते हुए जयचंद्र ने कहा कि लिस्ट देखकर मुझे हैरानी होती है कि हम उन्हें अपना मंत्री कैसे कहें।”

गौरतलब है कि सरकार के गठन के करीब 2 महीने बाद सोमवार को कैबिनेट का विस्तार किया गया, जिसमें 20 नए मंत्री बनाए गए। कैबिनेट में जगह न मिलने के कारण कई नेताओं में असंतोष है।