Tuesday, August 4, 2026
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यूपी : राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

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लखनऊ, 4 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन अयोध्या के रामलला चढ़ावा विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन के भीतर और बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12: 20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इसी बीच अनुपूरक बजट से पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने नियम 311 के तहत रामलला चढ़ावा विवाद को लेकर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि नियम 311 का अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि यह तात्कालिक प्रकृति का मामला नहीं है, इसलिए इस नियम के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी जा सकती।

अध्यक्ष के जवाब से असंतुष्ट समाजवादी पार्टी के विधायक अपनी सीटों से उठकर खड़े हो गए और ‘चंदा चोर, चढ़ावा चोर’ के नारे लगाने लगे। विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं, उनका आस्था से कोई संबंध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं और सर्वोच्च न्यायालय में भी मंदिर निर्माण के विरोध में कई वकील खड़े किए।

उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और दोषियों को जेल भेजा जा चुका है। इससे पहले समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे। तख्तियों पर शिक्षक भर्ती में आरक्षण, नीट पेपर लीक, रामलला चढ़ावा विवाद तथा अन्य जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर नारे लिखे थे। विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इसी बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में सरकार के अनुपूरक बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो सरकार अपना मूल बजट ही 30 से 50 प्रतिशत तक खर्च नहीं कर पाई, वह अब अनुपूरक बजट के नाम पर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रभु राम के नाम पर राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी को रामलला के दरबार में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों और कथित गड़बड़ियों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब इन मामलों में जवाबदेही तय नहीं हो सकी, तब प्रदेश के खजाने के प्रबंधन पर जनता कैसे भरोसा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विकास से अधिक प्रचार और जवाबदेही से अधिक बहानों में विश्वास करती है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश को अनुपूरक बजट की नहीं, बल्कि ईमानदार नीयत और बेहतर वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता है।

उधर, राज्य सरकार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश करेगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य चल रही विकास योजनाओं को पूरा करना और जनहित के जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है, उन्हें गति देना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के विकास को और अधिक रफ्तार देगा।

— आईएएनएस

विकेटी/एसके