नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि भारत और चीन ने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की दोबारा शुरुआत और दोनों देशों के बीच सिविल एविएशन कनेक्टिविटी (हवाई संपर्क) की बहाली भी शामिल है।
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विश्वास जताया कि इन कदमों से भारत और चीन के बीच सकारात्मक संबंध और मजबूत होंगे।
जायसवाल ने कहा, “दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है और चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। लोगों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। आपने कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत देखी होगी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क भी बहाल किया गया है। ऐसे कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं। हमारा मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंध और मजबूत होंगे।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता यह जवाब उस सवाल पर दे रहे थे, जिसमें भारतीय समुदाय की ओर से चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भारतीयों और भारतीय संस्कृति के खिलाफ बढ़ रही आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री को लेकर चिंता जताई गई थी। बताया गया कि बीजिंग में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित एक ‘ओपन फोरम’ के दौरान भारतीय समुदाय के सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था।
पिछले महीने चीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की। दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
चीन स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि दोनों नेताओं के उस विजन को आगे कैसे बढ़ाया जाए, जिसमें भारत और चीन को एक-दूसरे के विकास के साझेदार के रूप में देखा गया है। बातचीत में व्यापार, आर्थिक संबंध, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ के अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को स्वीकार किया।”
विक्रम मिस्री ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के सेंट्रल पार्टी स्कूल के उपाध्यक्ष ली वेंटांग से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भविष्य में सहयोग और आपसी आदान-प्रदान के नए अवसरों पर चर्चा की।

