नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत शिक्षा मंत्रालय 5 से 7 अगस्त तक ओडिशा के भुवनेश्वर में ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक और ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की तीसरी बैठक आयोजित करेगा।
इन बैठकों में ब्रिक्स सदस्य देशों के शिक्षा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक में शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) को मजबूत बनाना। कौशल विकास को बढ़ावा देना और ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन (टीसीए) के तहत सहयोग बढ़ाना। संयुक्त शोध, नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना। शैक्षणिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता (एमआरक्यू) को मजबूत करना और शैक्षणिक नेतृत्व के लिए क्षमता निर्माण पर चर्चा की जाएगी।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के निर्माण’ पर आधारित है। यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत ‘जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम’ सोच को दर्शाता है।
13वीं शिक्षा मंत्रियों की बैठक और तीसरी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक, भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिक्षा ट्रैक के तहत पहले आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
इससे पहले पहली और दूसरी ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक क्रमशः 7 और 28 अप्रैल को आयोजित की गई थी। इसके बाद 20-21 जुलाई 2026 को ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय संचालन बोर्ड की बैठक आयोजित हुई थी। इन बैठकों से प्राथमिकता वाले विषयों और प्रस्तावित परिणामों पर सहमति बनाने में मदद मिली।
शिक्षा मंत्रियों की बैठक से पहले 3 और 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स टीवीईटी संगोष्ठी और ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन की संयुक्त प्रबंधन समिति (जेएमसी) की बैठक भी आयोजित की गई। इसका नेतृत्व कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने किया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण, कौशल विकास, कार्यबल की तैयारी तथा शोध और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
उच्च स्तरीय सरकारी बैठकों के साथ-साथ भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता युवाओं की भागीदारी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी विशेष जोर दे रही है।

