Wednesday, August 5, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति कांवड़ यात्रा के दौरान भ्रम न हो इसलिए दुकानदार अपनी पहचान सार्वजनिक...

कांवड़ यात्रा के दौरान भ्रम न हो इसलिए दुकानदार अपनी पहचान सार्वजनिक करें: सचिन सिरोही

0
5

मेरठ, 4 अगस्त (आईएएनएस)। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि संगठन ने कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद और झगड़े से बचने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत दुकानदारों से अपनी वास्तविक पहचान सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की अपील की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी भी तरह का भ्रम या विवाद उत्पन्न न हो।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सचिन सिरोही ने बताया कि मंगलवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्हें एक मीट की दुकान पर्दा डालकर अंदर संचालित होती दिखाई दी। संगठन ने दुकान संचालक से प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करने को कहा। प्रशासन की ओर से कांवड़ मार्ग पर मीट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं और ऐसे में किसी भी मीट की दुकान का खुला रहना उचित नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित दुकान संचालक ने बहानेबाजी की। सिरोही का कहना था कि यदि प्रशासन ने चिकन और मीट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं तो उनका पूरी तरह पालन होना चाहिए।

सिरोही ने दावा किया कि उसी स्थान पर एक फल का ठेला भी लगा हुआ था, जहां उनकी टीम को बारकोड के आधार पर ठेला संचालक का नाम जावेद होने की जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेला संचालक ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की थी। सोशल मीडिया पर फलों पर थूकने जैसी घटनाओं के वायरल वीडियो सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ी है। ऐसे में सभी दुकानदारों को अपनी वास्तविक पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी का नाम जावेद, उस्मान या कुछ भी है तो उसे अपनी उसी पहचान के साथ दुकान चलानी चाहिए। हमें किसी की पहचान से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहचान छिपाकर कारोबार करना उचित नहीं है। छल-कपट नहीं होना चाहिए और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के भोजन की शुद्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।”

कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ से हरिद्वार जाने वाले कुछ लोगों का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कांवड़ यात्रा या जलाभिषेक के लिए जा रहा है तो उसे हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भगवा वस्त्र धारण कर यात्रा करनी चाहिए। इस प्रकार यात्रा करने से धार्मिक आस्था का सम्मान बना रहेगा। सिरोही ने आरोप लगाया कि मेरठ से हरिद्वार तक कुछ भोजनालय हिंदू नामों से संचालित किए जा रहे हैं, जबकि उनके संचालक मुस्लिम समुदाय से हैं। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में वास्तविक पहचान सामने आनी चाहिए और प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।