Wednesday, August 5, 2026
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डीवाई पाटिल का निधन देश के लिए बड़ी क्षति, बांकीपुर के नतीजे बदलते जनमत का संकेत: भाई जगताप

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मुंबई, 5 अगस्त (आईएएनएस)। त्रिपुरा और बिहार के पूर्व राज्यपाल, प्रख्यात शिक्षाविद और पद्मश्री सम्मानित डीवाई पाटिल के निधन पर कांग्रेस नेता भाई जगताप ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित ‘जेनजी’ संवाद, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे और सुनेत्रा पवार को लेकर हुई राजनीतिक टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।

भाई जगताप ने कहा कि डीवाई पाटिल का निधन केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा और इसी वजह से महाराष्ट्र पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा। पाटिल ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य किए। उनके कार्यों की पूरे देश में सराहना हुई और उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर अपनी अलग पहचान बनाई। पाटिल परिवार से मेरा व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंध रहा है। हजारों-लाखों लोगों के साथ डीवाई पाटिल का पारिवारिक जुड़ाव था और उनका जाना बेहद दुखद है।

उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उन्हें उनके महान कार्यों के अनुरूप सर्वोच्च स्थान मिले।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा ‘जेनजी’ से संवाद करने की पहल पर भाई जगताप ने कहा कि सरकार और संघ लंबे समय तक देश के युवाओं की भावनाओं और समस्याओं को समझने में असफल रहे। यदि युवाओं से संवाद पहले शुरू किया गया होता तो आज यह स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया या इंस्टाग्राम पर बातचीत करने से युवाओं का विश्वास नहीं जीता जा सकता।

भाई जगताप ने कहा कि जब युवा लंबे समय तक जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे थे, तब उनके आंदोलन को लेकर तरह-तरह की बातें कही गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय आंदोलनकारियों पर अनावश्यक आरोप लगाए गए और उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवाओं की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में भाजपा के मंत्री और नेता लोगों के घर-घर जाकर संवाद कर रहे हैं, जो पहले देखने को नहीं मिलता था। लोगों से संवाद करना गलत नहीं है, लेकिन सत्ता में आने के बाद जो अहंकार दिखाई देता था, उसे देश के युवाओं ने समाप्त कर दिया है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव परिणाम पर भाई जगताप ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी अपनी सीट नहीं बचा सकी, तो भाजपा अध्यक्ष को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। यह परिणाम भाजपा की उल्टी गिनती की शुरुआत है।

सुनेत्रा पवार को कांग्रेस की ओर से ‘गूंगी गुड़िया’ कहे जाने के सवाल पर भाई जगताप ने कहा कि राजनीति में नए दायित्व संभालने के बाद सीखने की प्रक्रिया स्वाभाविक होती है। अब तक सुनेत्रा पवार ने अजित पवार की पत्नी के रूप में उनका साथ दिया और वर्तमान परिस्थितियों में उन्होंने नई जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह एक सक्षम महिला हैं और समय के साथ और मजबूत होकर उभरेंगी। इस तरह की टिप्पणी से उन्हें आहत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी कभी ‘गूंगी गुड़िया’ कहा गया था, लेकिन उन्होंने अपने नेतृत्व से पूरी दुनिया को महिला शक्ति का परिचय कराया।