Wednesday, August 5, 2026
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सिर्फ डाइट नहीं, सही आदतें भी हैं जरूरी…ऐसे रखें वजन पर कंट्रोल और रहें लंबे समय तक स्वस्थ

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नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। मोटापा सिर्फ शरीर का आकार नहीं बढ़ाता, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों को भी न्योता देता है। टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा मोटापे के साथ काफी बढ़ जाता है।

अक्सर लोग वजन घटाने के लिए खाना कम कर देते हैं या फिर कार्बोहाइड्रेट जैसी चीजें पूरी तरह छोड़ देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक चीज को पूरी तरह छोड़ना सही तरीका नहीं है। शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसलिए कोशिश करें कि आपकी थाली में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध और प्रोटीन से भरपूर चीजें संतुलित मात्रा में शामिल हों।

हर समय कैलोरी गिनना जरूरी नहीं है, लेकिन यह जानना फायदेमंद हो सकता है कि आपके शरीर को रोज कितनी कैलोरी की जरूरत है। यह आपकी उम्र, लंबाई, वजन, लिंग और रोजाना की शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है। अगर आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं और उतनी ऊर्जा खर्च नहीं करते, तो वजन बढ़ना तय है।

अगर आपको लगता है कि आप जरूरत से ज्यादा खा रहे हैं, तो एक आसान तरीका अपनाइए। रोज क्या खाया, क्या पिया और लगभग कितनी मात्रा में लिया, इसे एक डायरी में लिखना शुरू कर दें। पैकेट वाले खाद्य पदार्थों के न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें और सर्विंग साइज पर भी ध्यान दें। कई बार हमें लगता है कि हमने थोड़ा खाया है, लेकिन वास्तव में कैलोरी काफी ज्यादा ले चुके होते हैं।

हालांकि स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ डाइट ही नहीं, नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी है। वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज करनी चाहिए। यानी रोज करीब 30 मिनट तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या हल्की दौड़ जैसी गतिविधियां काफी फायदेमंद होती हैं। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज भी करनी चाहिए।

बच्चों और किशोरों के लिए रोज कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि जरूरी मानी जाती है। वहीं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को संतुलन बनाए रखने वाली एक्सरसाइज, जैसे एक पैर पर खड़े होने का अभ्यास, भी करना चाहिए ताकि गिरने का खतरा कम हो।

गर्भवती और प्रसव के बाद की स्वस्थ महिलाओं को भी सप्ताह में कम से कम 150 मिनट हल्की या मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। हालांकि, किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत डॉक्टर की सलाह से ही करनी चाहिए।

लेकिन केवल एक्सरसाइज करने से ही वजन नहीं घटता। अगर आप जिम में एक घंटा बिताते हैं लेकिन दिनभर जरूरत से ज्यादा कैलोरी खाते हैं, तो वजन बढ़ सकता है। इसलिए खानपान और शारीरिक गतिविधि के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

अक्सर लोग नींद को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि पर्याप्त नींद भी वजन नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाती है। कम नींद लेने से शरीर के हार्मोन प्रभावित होते हैं, जिससे भूख ज्यादा लग सकती है और वजन बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए रोज 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मांसपेशियां कम और चर्बी ज्यादा होने लगती है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और वजन तेजी से बढ़ सकता है। यही वजह है कि बढ़ती उम्र में खानपान और एक्सरसाइज पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।

कुछ बीमारियां, जैसे कुशिंग सिंड्रोम और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), भी वजन बढ़ने का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा स्टेरॉयड और कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाएं भी वजन बढ़ा सकती हैं। अगर बिना किसी वजह के वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।