न्यूयॉर्क, 6 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सहमत हो गए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के बीच होने वाली यह डील अंतिम चरण में है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इस्माइल बाघेई ने कहा कि मस्कट और तेहरान पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन मार्ग के लिए भौगोलिक निर्देशांक (जियोग्राफिकल कोऑर्डिनेट्स) पर सहमत हो चुके हैं। संयुक्त बयान की समीक्षा और मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
यदि कोई बाहरी पक्ष इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता है तो संयुक्त बयान जल्द जारी किया जा सकता है। यह बयान दोनों देशों के बीच हुई वार्ताओं में सहमत प्रमुख बिंदुओं और विचारों पर आधारित होगा, हालांकि इस समझौते की स्थिति को लेकर ओमान की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।
तस्नीम समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईरान, अपने नियंत्रण वाले शिपिंग लेन के माध्यम से खाड़ी में प्रवेश करने वाले समुद्री यातायात की निगरानी करेगा। साथ ही बाहर जाने वाले जहाजों पर भी उसकी नजर रहेगी और सुरक्षा तथा नौवहन की रक्षा के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करने का अधिकार भी उसके पास होगा।
इससे पहले आईआरएनए ने बताया था कि दोनों देश अलग-अलग उत्तरी और दक्षिणी मार्गों की जगह एक साझा मध्यवर्ती कॉरिडोर बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे दोनों तटीय देशों के हितों और सुरक्षा चिंताओं का ध्यान रखा जा सके।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फारस की खाड़ी में प्रवेश का मार्ग ईरानी तट के साथ बने कॉरिडोर से होगा, जबकि बाहर निकलने का मार्ग ओमान की ओर से तय किया जाएगा।
दोनों देश आवागमन को आसान बनाने के लिए सेवा शुल्क लेंगे, लेकिन टोल नहीं वसूलेंगे। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत टोल लगाना अवैध माना जाता है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसका विरोध कर चुके हैं।
ईरान ने कहा है कि इस व्यवस्था से जुड़ी वार्ताओं में कोई अन्य देश शामिल नहीं था, जिससे यह पहल अमेरिका को दरकिनार करती हुई दिखाई देती है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि जलडमरूमध्य बुधवार तक खोल दिया जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसके जल्द खुलने की संभावना जताई थी।
हालांकि, दोनों समय-सीमाएं गुजर चुकी हैं और अभी तक जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खुला है। इजरायल और अमेरिका द्वारा फरवरी में ईरान पर किए गए हमलों के बाद से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लगभग 20 प्रतिशत समुद्री यातायात वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग अधिकांश जहाजों के लिए बंद या गंभीर रूप से प्रभावित बना हुआ है।

