Thursday, August 6, 2026
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देवेश उत्तम होंगे इथियोपिया के नए राजदूत, जल्द संभालेंगे जिम्मेदारी

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नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। देवेश उत्तम को फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

एमईए के अनुसार, 2003 बैच के आईएफएस देवेश उत्तम जल्द अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। वर्तमान में वो बाल्टिक देश लिथुआनिया गणराज्य में भारत के एम्बेसडर हैं। देवेश, 2001 बैच के आईएफएस और इथियोपिया के वर्तमान राजदूत अनिल कुमार राय की जगह लेंगे।

भारत और इथियोपिया के बीच संबंधों को दिसंबर 2025 में नया आकार दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और इथियोपिया के संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया। इथियोपिया ने पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से भी नवाजा, और दोनों देशों ने कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए थे।

देवेश उत्तम की बात करें तो, लिथुआनियाई दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार वो भारत के उत्तर प्रदेश प्रांत के रहने वाले हैं। उन्होंने 2003 में भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया था।

वे नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा (सीपीवी) विभाग के प्रमुख रह चुके हैं और प्रत्यर्पण मामलों के लिए केंद्रीय प्राधिकरण के कार्यालय के प्रभारी भी थे।

विदेशों में उनकी राजनयिक जिम्मेदारियों में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारतीय स्थायी मिशन में काउंसलर के पद शामिल थे। न्यूयॉर्क में रहते हुए, उन्हें 2013 से 2016 तक संयुक्त राष्ट्र प्रशासनिक एवं बजटीय मामलों की सलाहकार समिति (एसीएबीक्यू) के सदस्य के रूप में भी चुना गया था।

न्यूयॉर्क में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र लोकतंत्र कोष के सलाहकार बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा, उन्होंने लीबिया और सीरिया में भारतीय मिशनों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने त्रिपोली स्थित भारतीय दूतावास में राजनीतिक एवं वाणिज्यिक विभाग और दमिश्क स्थित भारतीय दूतावास में संस्कृति एवं सूचना विभाग का नेतृत्व किया।

विदेश मंत्रालय में, संयुक्त सचिव, सीपीवी डिवीजन के अलावा, उन्होंने निदेशक (प्रशासन) और अवर सचिव / उप सचिव (खाड़ी) सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया है।

भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने से पहले, उन्होंने भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में विदेश व्यापार के सहायक महानिदेशक के रूप में कार्य किया था।

उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से स्नातकोत्तर और एमफिल की उपाधि प्राप्त की है। एमफिल में उनका शोध विषय “यूरोपीय संघ का पूर्वी विस्तार” था। इस अध्ययन का मुख्य बिंदु यूरोपीय संघ में शामिल होने वाले नए सदस्य देशों के लिए लागत-लाभ विश्लेषण था। उन्होंने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी), नई दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का भी अध्ययन किया है। वे हिंदी, अंग्रेजी और अरबी भाषाएं बोलते हैं। उन्होंने फ्रेंच और संस्कृत का भी अध्ययन किया है।