Thursday, August 6, 2026
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ब्रिक्स देशों के पास विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने का सुनहरा अवसर: पीयूष गोयल

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नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि ब्रिक्स (बीआरआईसीएस) देशों के पास विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता (मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस) को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग को गहरा करने, लचीली सप्लाई चेन विकसित करने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का एक अनूठा अवसर है।

भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत जयपुर में आयोजित ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि बैठक में सदस्य देशों के बीच औद्योगिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी के भविष्य पर व्यापक चर्चा हुई।

गोयल ने कहा, “भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के दौरान जयपुर में आयोजित ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए मुझे खुशी हुई। इस बैठक में हमने औद्योगिक सहयोग और आर्थिक सहभागिता के भविष्य पर विचार-विमर्श किया।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों के पास वैश्विक स्तर पर अपनी विनिर्माण क्षमता को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही सदस्य देश तकनीकी नवाचार, उत्पादन नेटवर्क और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं।

बैठक के दौरान भारत ने अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। इनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करना, स्टार्टअप नवाचार को बढ़ावा देना, स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का विस्तार करना और तकनीक-संचालित लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करना शामिल है।

पीयूष गोयल ने कहा कि टिकाऊ औद्योगिक विकास और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए इन क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत लगातार ऐसे मॉडल पर काम कर रहा है, जो नवाचार, रोजगार सृजन और हरित विकास को साथ लेकर आगे बढ़े।

बैठक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि संयुक्त घोषणा-पत्र को अपनाया जाना रहा। इस घोषणा-पत्र में सदस्य देशों ने ब्रिक्स पार्टनरशिप ऑन न्यू इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के तहत व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संयुक्त घोषणा-पत्र में औद्योगिक नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और मजबूत विनिर्माण तंत्र के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया है।

उन्होंने कहा, “संयुक्त घोषणा-पत्र को अपनाना इस बैठक का एक अहम परिणाम रहा। यह औद्योगिक नवाचार, क्लीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के क्षेत्र में हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत विस्तारित ब्रिक्स परिवार के सभी सदस्य देशों के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का लक्ष्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना, बल्कि उन चर्चाओं को ठोस परिणामों में बदलना है, जिससे सभी सदस्य देशों की साझा समृद्धि और विकास को गति मिल सके।

गोयल ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और संवाद को विकास एवं समृद्धि के ठोस परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।”