नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसदों ने कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल की आलोचना की है। साथ ही, झारखंड सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए छात्रों की मांगों को लेकर सरकार पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बाहरी एजेंडे के तहत बयान देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले सात-आठ वर्षों में कांग्रेस, झामुमो और राजद के नेताओं के कितने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियां मिलीं। मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने स्वीकार किया है कि वह अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें कई गुना बढ़ाकर संबंधित लोगों तक पहुंचाता था।
निशिकांत दुबे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में भ्रष्टाचार की गहन जांच होनी चाहिए और यह भी सामने आना चाहिए कि कितने परिवारों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए गहने बेचे या जमीन गिरवी रखी।
निशिकांत दुबे ने कहा कि पिछले कई वर्षों में कांग्रेस, जेएमएम और राजद गठबंधन की सरकारों ने युवाओं और छात्रों को लगातार परेशान किया है। उन्होंने कहा कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा और यदि तब तक इस मामले में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो वे पार्टी नेतृत्व से अनुमति मिलने के बाद 13 अगस्त के बाद भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से अनुमति भी मांगी है।
वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ ने राहुल गांधी द्वारा जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों से वीडियो माध्यम से संवाद करने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद राहुल गांधी को याद आया कि झारखंड में हजारों छात्र धरने पर बैठे हैं। यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता होती तो वे स्वयं झारखंड जाकर छात्रों से मिलते और अपनी सहयोगी सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाते।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है लेकिन इसके बावजूद छात्रों की प्रमुख मांगों सीबीआई जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल औपचारिक बयान देकर राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं जबकि छात्रों को वास्तविक न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर निष्पक्ष जांच कराना आवश्यक है।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए संजय सेठ ने कहा कि यदि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी का एहसास था तो उन्हें केवल वीडियो संदेश जारी करने के बजाय मुख्यमंत्री से तत्काल सीबीआई जांच के आदेश देने की मांग करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल दिल्ली में बैठकर बयान देते हैं लेकिन जिन राज्यों में उनकी पार्टी सत्ता में है या सरकार का समर्थन करती है, वहां जाने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी न तो झारखंड जाएंगे और न ही पंजाब, जबकि इन राज्यों में छात्रों और युवाओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। केवल राजनीतिक बयान देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

