Friday, August 7, 2026
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दिल्ली भाजपा ने विधानसभा की कार्यवाही से विपक्ष की नेता आतिशी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए

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नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली भाजपा ने शुक्रवार को विधानसभा सत्र में विपक्ष की नेता आतिशी की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। भाजपा ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति आम आदमी पार्टी की असंवेदनशीलता को दर्शाती है।

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आतिशी और पूर्व मंत्री गोपाल राय विधानसभा के बजट सत्र में भी अनुपस्थित थे, और उनकी लगातार अनुपस्थिति एक बार फिर शहर से जुड़े मुद्दों के प्रति आम आदमी पार्टी की असंवेदनशीलता को उजागर करती है।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली के करदाताओं के पैसे से मिलने वाले विशेषाधिकारों का आनंद लेने वालीं आतिशी गोवा में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का स्वागत करने में व्यस्त हैं, जबकि गोपाल राय महीनों से गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

कपूर ने आगे कहा कि भाजपा लगातार यह कहती रही है कि आम आदमी पार्टी एक अराजक पार्टी है, जिसके नेता केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निराधार आरोप लगाना और विधानसभा में व्यवधान उत्पन्न करना जानते हैं।

उन्होंने कहा कि जब पार्टी सत्ता में थी, तब वह रचनात्मक बहस में विश्वास नहीं करती थी, और अब भी, विपक्ष में रहते हुए, सार्वजनिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा में उसकी बहुत कम रुचि है क्योंकि वह ज्यादातर झूठे और निराधार मामले उठाती है जो सदन में बहस का सामना नहीं कर सकते।

वहीं, दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों से राजनीतिक नौटंकी, निराधार आरोपों और विघटनकारी राजनीति से दूर रहने और इसके बजाय विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस में भाग लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की आकांक्षाओं, विकास और जवाबदेही से संबंधित मामलों पर गंभीरतापूर्वक और रचनात्मक ढंग से चर्चा की जानी चाहिए।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लागू होने के बाद से विपक्ष पूरी तरह से घबरा गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस ऐतिहासिक योजना को जनता का भारी समर्थन मिला है, जिससे विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई सकारात्मक राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है।