Sunday, August 9, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति कर्नाटक: कुमारस्वामी ने लोगों से एनआईसीई रोड पर टोल न देने की...

कर्नाटक: कुमारस्वामी ने लोगों से एनआईसीई रोड पर टोल न देने की अपील की

0
3

बेंगलुरु, 8 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) (जेडीएस) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को वाहन चालकों से एनआईसीई रोड पर टोल नहीं देने की अपील की।

उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर परियोजना में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और टोल की वसूली अवैध रूप से की जा रही है। बता दें कि इस परियोजना को एनआईसीई परियोजना भी कहा जाता है।

बेंगलुरु स्थित जेडीएस मुख्यालय जेपी भवन में आयोजित प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार से एनआईसीई परियोजना को तत्काल अपने नियंत्रण में लेने और टोल वसूली बंद कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस परियोजना पर कर्नाटक हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बाद राज्य सरकार अब चुप नहीं रह सकती।

कुमारस्वामी ने सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए कहा कि एनआईसीई रोड पर टोल वसूली बंद की जाए, अन्यथा जेडीएस इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने कहा, “हाई कोर्ट ने एनआईसीई परियोजना में अनियमितताओं को लेकर गंभीर टिप्पणियां की हैं। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर कंपनी द्वारा की जा रही टोल वसूली रोकनी चाहिए। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो हम संघर्ष शुरू करेंगे।”

कुमारस्वामी 29 जुलाई को कर्नाटक हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर दिए गए फैसले का उल्लेख कर रहे थे।

उनके अनुसार, अदालत ने टिप्पणी की थी कि यह परियोजना राज्य के सबसे बड़े घोटालों में से एक प्रतीत होती है। अदालत ने यह भी संकेत दिया था कि धोखाधड़ी और अन्य आरोपों की स्वतंत्र विशेषज्ञ टीम से जांच और परियोजना के खातों का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाना चाहिए।

कुमारस्वामी ने कहा कि अदालत की ये टिप्पणियां ही सरकार के लिए परियोजना का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिए पर्याप्त कारण हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर परियोजना को लागू करने के लिए हुए फ्रेमवर्क समझौते की कई शर्तों का उल्लंघन किया गया है।

उन्होंने कहा, “परियोजना को समझौते के अनुसार लागू किया जाना था, लेकिन एनआईसीई ने नियमों का पालन नहीं किया। अदालत ने इसे कर्नाटक के बड़े घोटालों में से एक बताया है। सरकार को इसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए और क्या कारण चाहिए?”

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि एनआईसीई परियोजना के नाम पर 20 हजार एकड़ से अधिक जमीन भूमि बैंक के रूप में जमा की गई, जिससे हजारों किसानों को नुकसान उठाना पड़ा।

उनका दावा है कि कई किसानों की जमीन करीब दो दशक पहले अधिग्रहित कर ली गई थी, लेकिन कुछ मामलों में उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन बाद में निजी पक्षों को बेची या हस्तांतरित की गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एनआईसीई ने राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना कई बार टोल दरों में वृद्धि की। कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार ने खुद अदालत को बताया था कि बिना पूर्व अनुमति के टोल दरों में संशोधन किया गया।

उन्होंने बेंगलुरु के होसकेरेहल्ली स्थित एनआईसीई जंक्शन के पास एक निर्माण परियोजना के लिए एनआईसीई द्वारा जारी की गई अनापत्ति प्रमाणपत्र पर भी सवाल उठाए।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पहले किसानों को वहां से हटाया गया और बाद में एक डेवलपर ने निर्माण की अनुमति के लिए एनआईसीई से संपर्क किया।

उन्होंने पूछा, “यह जमीन किसकी है? क्या यह एनआईसीई की निजी संपत्ति है कि वह एनओसी जारी करे? इस जमीन के लिए एनओसी कैसे जारी किया गया?”

उन्होंने सरकार से जमीन के स्वामित्व और उसके उपयोग को लेकर स्पष्टीकरण देने तथा यह बताने की मांग की कि इन लेन-देन से किसे लाभ हुआ।

कुमारस्वामी ने शनिवार से ही वाहन चालकों से एनआईसीई रोड पर टोल न देने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि किसी भी परिस्थिति में टोल न दें। इस शोषण को रोकिए। जनता को इस परियोजना के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। मैं युवाओं और किसानों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करता हूं।”

उन्होंने हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बावजूद राज्य सरकार पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया और पूछा, “क्या सरकार सो रही है या जानबूझकर सब कुछ नजरअंदाज कर रही है?”

कुमारस्वामी ने कहा कि वह इस संबंध में सरकार को पत्र लिखेंगे और उसके जवाब का इंतजार करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार के पास टोल वसूली रोकने के लिए दो सप्ताह का समय है।