नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावा और कीमती सामान की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच ईमानदारी और सच्चाई की एक दिल छू लेने वाली कहानी चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोग और तीर्थयात्री दोनों ही एक सेवक के नेक काम की सराहना कर रहे हैं।
राम जन्मभूमि मंदिर के सेवक ने रविवार को अपने नेक काम से एक मिसाल कायम की। उन्होंने सड़क पर पड़ी लगभग 20 लाख रुपए की हीरे जड़ी सोने की चेन उसके असली मालिक को लौटा दी।
खोई हुई चेन मिलने पर महिला श्रद्धालु भावुक हो उठीं और उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक गहना नहीं है। यह उनके दिवंगत पति का प्रतीक है, इसलिए इसका भावनात्मक मूल्य इसके मौद्रिक मूल्य से कहीं अधिक है।
ध्रुवेश मिश्रा कथित तौर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर में सेवक के रूप में काम करते हैं। उनको शनिवार को हनुमानगढ़ी की ओर जाने वाली सड़क पर हीरे जड़ी सोने की चेन मिली।
चेन की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपए है।
ध्रुवेश मिश्रा चेन को असली मालिक को लौटाने के इरादे से पुलिस आयोग कार्यालय गए और एक सार्वजनिक घोषणा करवाई। घोषणा के बाद मुजफ्फरनगर की एक श्रद्धालु और मोहन कुमार की पत्नी निर्मला देवी हीरे जड़ी चेन पर अपना दावा करने के लिए आगे आईं।
पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद चेन उन्हें सौंप दी गई।
सोने की चेन वापस मिलने पर निर्मला देवी ने बताया कि इसका उनके लिए बहुत भावनात्मक महत्व है क्योंकि यह उनके दिवंगत पति ने उन्हें दी थी।
ईमानदारी का यह कार्य ऐसे समय में सामने आया है जब अयोध्या मंदिर कई विवादों से घिरा हुआ है, जिनमें मंदिर के दान की कथित चोरी और नकद चढ़ावे का दुरुपयोग शामिल है।
हाल के दिनों में, अयोध्या में मंदिर के चढ़ावे और दान निधि को लेकर विवाद उत्पन्न हुए हैं। राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

