नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के तीसरे साल की शुरुआत में इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई से मुलाकात की। इस बैठक में ईरान आर्थिक, सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा हुई।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपार्ट के अनुसार, नेता के कार्यालय के सूचना केंद्र ने बताया कि रविवार को हुई इस बैठक में पेजेश्कियन और अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने देश से जुड़े मुद्दों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
बयान के अनुसार, बातचीत का मुख्य फोकस लोगों की आजीविका, देश की मौजूदा आंतरिक स्थिति, अमेरिका और इजरायल की ओर से थोपे गए युद्ध की परिस्थितियों का सामना करने और आगे की रणनीति पर था। खास तौर पर रक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
आईआरएनए के अनुसार, पेजेश्कियन ने नेता के साथ संसाधनों की व्यवस्था, धन और ऊर्जा खर्च के बेहतर प्रबंधन तथा विदेशी देशों और पक्षों के साथ आर्थिक सहयोग और संबंधों को लेकर भी विचार-विमर्श किया।
पेजेश्कियन ने 28 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के पहले दो वर्षों के दौरान ईरान में विदेश समर्थित दंगे हुए और अमेरिका तथा इजरायल की सरकारों ने देश पर दो बार हमला किया।
आईआरएनए के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ईरान आर्थिक, सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहा है और देश के शीर्ष नेतृत्व के बीच भविष्य की नीतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा जारी है।
पेजेश्कियन ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को अपने ऑफिस की वेबसाइट पर पब्लिश हुए एक इंटरव्यू में कहा तेहरान अमेरिका के साथ हाल ही में हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन समझौते (एमओयू) के तहत शांति के रास्ते पर चलता रहेगा, बशर्ते वाशिंगटन भरोसे का माहौल बनाने में मदद करे।
उन्होंने कहा कि ईरान एमओयू के पैराग्राफ के आधार पर शांति के रास्ते पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। अब समझौते पर पहुंचने का सबसे अच्छा समय है, क्योंकि देश में एकजुटता, ताकत और एकता है।
उन्होंने कहा कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं को अमेरिका के अनुपालन के स्तर के अनुरूप रखेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर दूसरा पक्ष बल का सहारा लेना चाहता है तो ईरान उसे स्वीकार नहीं करेगा। ईरान की कार्रवाई का अंतिम आधार सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के फैसले होंगे।

