Monday, August 10, 2026
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असम में फिर शुरू हुई सस्ती दाल और चीनी योजना, 70 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

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गुवाहाटी, 10 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य सरकार की सब्सिडी वाली खाद्य योजना को फिर से शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को दाल और चीनी 100 रुपए में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे राज्य के लगभग 70 लाख लोगों को फायदा होगा।

यह योजना नगांव जिले के राहा से दोबारा शुरू की गई। राज्य के बजट से जुड़ी प्रक्रिया में देरी के कारण यह योजना करीब तीन महीने से बंद थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी प्रतिबद्धता के तहत पात्र लोगों को आवश्यक खाद्य सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए दाल और चीनी की आपूर्ति फिर से शुरू कर रही है।

यह योजना विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई थी। इसके तहत लोगों को चीनी, दाल और नमक रियायती दरों पर देने का प्रावधान था।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से फिलहाल नमक का वितरण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नमक की आपूर्ति भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। सरमा ने कहा, “हम कुछ ही दिनों में नमक देना भी शुरू कर देंगे।”

सरकार की यह पहल ऐसे समय में राहत देने वाली मानी जा रही है, जब जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच चल रहे सीमा विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव सीमा संबंधी मामलों पर चर्चा कर रहे हैं। इसके अलावा, दोनों राज्यों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

सरमा ने साफ कहा कि असम अपने क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य की जमीन से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “असम की भूमि किसी भी परिस्थिति में नहीं सौंपी जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि शांति बनाए रखी जा सके और किसी भी तरह के तनाव को रोका जा सके।

गौरतलब है कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा विवाद लंबे समय से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, जिसे सुलझाने के लिए दोनों राज्य लगातार बातचीत का सहारा ले रहे हैं।