Monday, August 10, 2026
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एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को एनईपी 2020 के साथ संरेखित कर रहा : सुकांत मजूमदार

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नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। सरकार की ओर से सोमवार को लोकसभा को बताया गया कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने फाउंडेशनल स्टेज के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ-एफएस) 2022 और स्कूल एजुकेशन के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ-एसई) 2023 जारी किया है।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री (एमओएस) सुकांत मजूमदार ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि ये फ्रेमवर्क अलग-अलग चरणों और विषयों के हिसाब से पाठ्यक्रम के लक्ष्यों, क्षमताओं, सीखने के नतीजों, सिलेबस, पाठ्यपुस्तकों, पढ़ाने के तरीकों और मूल्यांकन का आधार तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी हर साल अपनी पाठ्यपुस्तकों को दोबारा छापते समय, छात्रों, शिक्षकों और दूसरे संबंधित लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर उनमें अपडेट करता है, लेकिन कोई ढांचागत बदलाव नहीं करता। इस काम के लिए, जरूरत पड़ने पर एनसीईआरटी बदलावों को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों को भी बुलाता है।

इससे पहले अप्रैल में, शिक्षा मंत्रालय ने एनसीईआरटी को ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ (मानित विश्वविद्यालय) का दर्जा दिया था। मजूमदार ने एक और सवाल के जवाब में कहा कि ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा मिलने से एनसीईआरटी को शैक्षिक रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग करने में मजबूती मिलेगी।

इससे एक ‘थिंक टैंक’ के तौर पर इसकी भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकारों को तकनीकी सहायता देने वाला एक राष्ट्रीय संसाधन संस्थान है।

‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा पाने के लिए एनसीईआरटी की अर्जी की जांच यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने अपनी विशेषज्ञ समिति के जरिए, यूसीजी (संस्थान जिन्हें विश्वविद्यालय माना जाता है) रेगुलेशंस, 2023 के नियमों के अनुसार की थी।

राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) तैयार करने के लिए एक राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) बनाई गई थी। इस समिति ने शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों, विद्वानों और शिक्षण संस्थानों सहित कई तरह के संबंधित लोगों से इन फ्रेमवर्क के लिए सुझाव मांगे थे।

मजूमदार ने बताया कि इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकों पर केंद्रित मोबाइल ऐप सर्वे के जरिए 13 लाख से ज्यादा इच्छुक नागरिकों (जिनमें छात्र और अभिभावक शामिल थे) और राज्य स्तर पर मोबाइल ऐप सर्वे के ज़रिए 1.5 लाख से ज्यादा शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और शिक्षाविदों की भागीदारी से मदद मिली।

32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिला स्तर पर 1,550 से ज्यादा परामर्श बैठकें की गईं। उन्होंने बताया कि संस्थानों के 35 समूहों और विश्वविद्यालयों व नागरिक समाज समूहों के साथ हुई 12 परामर्श बैठकों में शामिल 8,000 संबंधित लोगों से भी सुझाव मिले। उन्होंने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बनाए गए फोकस ग्रुप्स (जिनमें कुल मिलाकर 4,000 से ज्यादा एक्सपर्ट्स शामिल थे) से 25 खास विषयों पर 600 से ज्यादा पोजीशन पेपर्स मिले। इसके अलावा, एनसीईआरटी द्वारा बनाए गए नेशनल फोकस ग्रुप्स (जिनमें 175 से ज्यादा सदस्य थे) से भी 25 पेपर्स मिले।

इन इनपुट्स का विश्लेषण किया गया और काम के सुझावों को एनसीएफ में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि इन इनपुट्स को ध्यान में रखते हुए, एनसीएफ-एफएस को 20 अक्टूबर 2022 को और एनसीएफ-एसई को 23 अगस्त 2023 को जारी किया गया।

एनसीएफ के बाद की कार्रवाई के तौर पर, एनसीईआरटी ने नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग-लर्निंग मटीरियल कमिटी (एनएसटीसी) बनाई है। इस कमिटी के तहत, सभी विषयों और ग्रेड्स के लिए 13 करिकुलम एरिया ग्रुप्स (सीएजी) और टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम्स (टीडीटी) बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि एनएसटीसी को टेक्स्टबुक समेत टीचिंग-लर्निंग मटीरियल तैयार करने का काम सौंपा गया है।