Monday, August 10, 2026
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9.82 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहा पुष्कर्णी तालाब, 50 फीसदी काम पूरा

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नोएडा, 10 अगस्त (आईएएनएस)। नोएडा के ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में जल संरक्षण और पर्यावरणीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 9.82 करोड़ रुपए की लागत से पुष्कर्णी तालाब के विकास एवं निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इसके आगामी चार माह में पूर्ण होने का अनुमान है।

पुष्कर्णी तालाब परियोजना को क्षेत्र के जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के तहत तालाब के विकास के साथ-साथ यहां विभिन्न निर्माण एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं। वर्तमान में इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा किया जा सके।

परियोजना का प्रमुख उद्देश्य वर्षा जल के संरक्षण के साथ क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की क्षमता को बढ़ाना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है। तालाब के विकसित होने के बाद बारिश के पानी को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। इससे जल संचयन को बढ़ावा मिलने के साथ ही भविष्य में भूजल स्तर को बनाए रखने में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जा रहा है। परियोजना की भौतिक प्रगति करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और शेष कार्य को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि तालाब का विकास लंबे समय तक उपयोगी और टिकाऊ बना रहे। पुष्कर्णी तालाब के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र केवल जल संरक्षण के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए एक विकसित एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में भी उपलब्ध होगा।

परियोजना से ग्रामवासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही तालाब के आसपास हरित वातावरण विकसित होने से क्षेत्र की सुंदरता में भी इजाफा होगा। परियोजना के पूरा होने के बाद सोरखा जाहिदाबाद में जल संरक्षण, पर्यावरणीय सुधार और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर वर्षा जल के प्रबंधन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी और क्षेत्र में हरियाली एवं प्राकृतिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति के आधार पर अगले चार महीनों में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि कार्य इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण केंद्र के साथ-साथ आकर्षक सार्वजनिक स्थल की सुविधा मिल सकेगी।