भुवनेश्वर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने सोमवार को साफ किया कि आने वाले खरीफ खरीद सीजन 2026-27 में धान बेचने के लिए किसानों का एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसान आईडी न होने की वजह से किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने के मौके से वंचित नहीं किया जाएगा।
यह फैसला उपमुख्यमंत्री और कृषि एवं किसान सशक्तिकरण मंत्री कनक वर्धन सिंह देव की अध्यक्षता में हुई अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा, पंचायती राज और पेयजल मंत्री रबी नारायण नाइक, और सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत शामिल हुए।
सरकार ने कहा कि धान की खरीद के लिए एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन के साथ और उसके बिना, दोनों तरह की रजिस्ट्रेशन पर्चियां मान्य हैं। अभी सबसे पास की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) और कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) में रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जा रही है।
अंतर-मंत्रालयी समिति ने खरीफ सीजन के लिए कम से कम 50 प्रतिशत किसानों का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए कृषि और किसान सशक्तिकरण, खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण, और सहकारिता विभाग प्रशासनिक स्तर पर मिलकर काम करेंगे, जिसमें राजस्व विभाग भी मदद करेगा। अब तक, खरीफ 2026-27 के लिए धान बेचने के लिए 94,657 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें बालासोर में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
रजिस्ट्रेशन और बिक्री के बारे में गलत जानकारी को रोकने के लिए, राज्य सरकार ने पूरे ओडिशा में सब-डिविजन और ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। विलेज एग्रीकल्चर वर्कर्स (वीएडब्ल्यू) रजिस्ट्रेशन में किसानों की मदद करेंगे, जबकि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आवेदकों को रजिस्ट्रेशन की रसीदें दें।
बैठक में 2025-26 रबी सीजन के दौरान हुई खरीद की भी समीक्षा की गई, जिसमें 3,63,553 किसानों से 20.46 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा 19.18 लाख मीट्रिक टन था।
अभी तक, 3,63,149 किसानों को एमएसपी और इनपुट सहायता के तौर पर 4,844 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।
इस बीच, सरकार बटाईदारों के लिए रजिस्ट्रेशन और खरीद प्रक्रिया में आने वाली संभावित दिक्कतों को दूर करने के लिए खास गाइडलाइंस बना रही है।
खास बात यह है कि एग्रीस्टैक किसानों का एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म है जो किसानों का डेटा एक जगह इकट्ठा करता है और रजिस्ट्रेशन के समय एक यूनिक किसान आईडी बनाता है, ताकि सरकारी फायदों तक आसानी से पहुंचा जा सके। अब तक, इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 6,00,000 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह यह पक्का करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि ओडिशा में कोई भी किसान अपनी धान की फसल बेचने से वंचित न रहे।

