नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के आरोपों के समर्थन में भाजपा के कई विधायकों ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक के कथित अभद्र व्यवहार और असंसदीय व्यवहार को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा विधायकों ने इसे विधानसभा की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा विधायक करनैल सिंह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आरोपों पर कहा कि एक विधायक के तौर पर आप विधानसभा में असंसदीय व्यवहार कर रही थीं। यह बहुत गलत है। बहनों का सम्मान करना चाहिए। आप जो असंसदीय व्यवहार कर रहे थे, वो बहुत गलत बात हैं। विधानसभा की कार्यवाही को पूरा देश देखता है, ऐसे में सदन के भीतर इस तरह का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने आगे कहा कि जनप्रतिनिधियों से जनता जिम्मेदार और मर्यादित आचरण की अपेक्षा करती है। विधानसभा लोकतांत्रिक बहस और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का मंच है, इसलिए वहां होने वाले व्यवहार का सीधा संदेश जनता तक जाता है।
भाजपा विधायक शिखा राय ने भी मुख्यमंत्री के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि विधानसभा में कई बार बहस के दौरान शोर-शराबा और हंगामा होता है, लेकिन सदन में बैठकर असंसदीय व्यवहार करना अलग तरह का मामला है। सदन में अक्सर लोग शोर-शराबा और हंगामा करते हुए कई हदें पार कर जाते हैं, लेकिन बैठे-बैठे इस तरह का असंसदीय व्यवहार करना एक अलग बात है। आज भी कुछ विधायकों की तरफ से ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्हें सभी ने गलत माना। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने के लिए ही इस मुद्दे को उठाया है।
भाजपा विधायक अनिल गोयल ने भी असंसदीय व्यवहार को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन में जिस तरह के असंसदीय व्यवहार किए जा रहे थे, वे गलत थे और उन्हें शब्दों में बताना भी मुश्किल है। गोयल ने कहा कि संबंधित विधायक को अब अपने व्यवहार, सोच और आचरण में सुधार करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को विवाद पैदा करने के बजाय जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। गोयल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें कहा गया कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के आचरण में भी बदलाव दिखाई देना चाहिए।
भाजपा विधायक हरीश खुराना ने भी मामले को गंभीर बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि किराड़ी का प्रतिनिधित्व करने वाले एक विधायक को पूरे दिन असंसदीय व्यवहार करते हुए देखा गया। इनमें से कुछ व्यवहार महिलाओं के प्रति अपमानजनक थे। इस पूरे मामले पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए और संबंधित विधायक को अपने आचरण में सुधार के लिए चेतावनी दी जानी चाहिए। भाजपा की ओर से विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की गई है और उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में स्पीकर उचित कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सदन की मर्यादा से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा भी होनी चाहिए।
दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने भी कथित असंसदीय व्यवहार को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार भाजपा की ओर से नहीं किया गया, बल्कि आम आदमी पार्टी के विधायकों की ओर से सदन की गरिमा और मर्यादा का उल्लंघन किया गया। विधानसभा में सभी सदस्यों को सदन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए यह जरूरी है कि वे सदन में बहस और विरोध के दौरान भी निर्धारित मर्यादाओं का पालन करें।

